जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत अब क्या कार्य हुए हैं, कहां क्या शुरू हुआ है, इसका जायजा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं कार्यस्थल पर जाकर लेंगे। साथ ही इस अभियान में सहयोग के लिए लोगों से अपील भी करेंगे। वहीं विकास की अन्य योजनाओं का भौतिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रमों आदि की समीक्षा भी करेंगे। इसको लेकर मुख्यमंत्री मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली यात्रा पर निकलेंगे।

पहले चरण में चार जिलों की करेंगे यात्रा, जिनमें बेतिया, मोतिहारी, सीवान और गोपालगंज शामिल हैं। यात्रा को लेकर तमाम विभागों के संबंधित पदाधिकारी जिले में पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री हमेशा की तरह इस बार भी अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण से करेंगे। मंगलवार को सबसे पहले वे बेतिया के बगहा प्रखंड के चंपापुर गनौली जाएंगे। वहां पर मुख्यमंत्री चंपापुर तालाब और नंदी तालाब का भ्रमण करेंगे। गौरतलब हो कि जल-जीवन-हरियाली अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है तालाबों का जीर्णोद्धार।

मत्स्य पालन आदि को भी देखेंगे। जल संरक्षण के अन्य कार्य भी देखेंगे। संबंधित पदाधिकारियों को पहले ही निर्देश दिया जा चुका है कि मुख्यमंत्री के स्थल भ्रमण के दौरान वे सभी वहां पर मौजूद रहेंगे। चारों ही जिले में मुख्यमंत्री जल-जीवन-हरियाली जागरूकता सम्मेलन करेंगे, जिसमें अपनी बात रखेंगे। समीक्षा बैठक में जल-जीवन-हरियाली के अलावा शराबबंदी कानून, लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून, लोक सेवा का अधिकार कानून के साथ-साथ सात निश्चय की प्रगति का भी जायजा लेंगे मुख्यमंत्री।

साथ ही विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।  मुख्यमंत्री की यह 12 वीं यात्रा है। इसके पहले उन्होंने 11 यात्राएं की है। उन्होंने पहली यात्रा की शुरुआत 12 जुलाई 2005 में की थी, जिसका नाम न्याय यात्रा दिया था। 11 वीं यात्रा उन्होंने 12 दिसंबर 2017 को शुरू की थी। इसका नाम विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा थी।