बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने इशारों-इशारों में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पर निशाना साधा और कहा कि हमने जिन्हें बनाया वहीं पार्टी तोड़ने में लगे थे। कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की मौजूदगी में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इशारों-इशारों में आरसीपी सिंह पर निशाना साधा और कहा, हमने जिन्हें बनाया वही पार्टी को तोड़ने में लगे थे। अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से उनकी पार्टी जदयू का गठबंधन टूट गया है। हम सात पार्टियां मिलकर महागठबंधन में आगे काम करेंगे। इसके लिए सात दलों के कुल 164 विधायक और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंप दिया है। 

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उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण को लेकर राज्यपाल फागू चौहान से टाइम मांगेंगे। वहीं उन्होंने राजग से नाता तोड़ने के सवाल पर कहा कि पार्टी के सारे लोग कह रहे थे, तब जाकर हमने बैठक बुलाई और अलग होने का निर्णय लिया। पार्टी के सभी लोगों की राय के बाद फैसला लिया गया। उन्होंने एक सवाल को जवाब में कहा, हमें अपमानित किया गया कि क्या किया गया, इसको छोड़ दीजिए हमको नहीं बोलना है। इस मौके पर राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि झगड़े तो हर घर में होते हैं, पुरानी बातों को भूल जाइए, अब चाचा भतीजा मिलकर बिहार को तेज गति से विकास की राह पर ले जाएंगे। अपने पुरखों की विरासत किसी और को नहीं ले जाने देंगे, ये हमारे पास रहेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिसके साथ रहती है उसको खत्म करने में लगी रहती है। भाजपा की जो तैयारी थी सभी को पता है। 

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यादव ने कहा कि देश में अराजकता का माहौल बन रहा है, सामाजिक न्याय पर हमले हो रहे हैं। देश की सुरक्षा, महंगाई, अव्यवस्था को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार ने एक बार फिर देश को संदेश दिया है। राजद नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार लगातार विशेष पैकेज की मांग करते रहे लिए उनकी बात नहीं सुनी गई। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा कहते हैं कि क्षेत्रीय पार्टियों को समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जननी बिहार में आकर लोकतंत्र को समाप्त करने की बात कहते हैं, यह बिहार के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे।