नए साल के जश्न में जाम छलका तो खैर नहीं। शराब के साथ नए साल का जश्न मनाने की कोशिश हुई तो जेल की हवा खानी पड़ सकती है। बिहार पुलिस ने पूरे राज्य में तस्करों के साथ शराबियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। शराब पीनेवालों पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी। राज्य में प्रवेश करनेवाले प्रमुख मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, शहर और कस्बों में शराबियों पर नकेल कसने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।


 
बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद दूसरे राज्यों से इसकी तस्करी की जाती है। अक्सर शराब की बड़ी खेप पकड़ी जाती है। नए साल पर शराब की ज्यादा खपत को लेकर तस्कर ज्यादा सक्रिय होते हैं। लिहाजा पुलिस ने तस्करी पर नकेल कसने के लिए विशेष फोकस कर रखा है। बिहार आनेवाले तमाम प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

इसके अलावा ट्रकों और चारपहिया वाहनों पर विशेष नजर है। सीमा में प्रवेश के साथ ही वाहनों की तलाशी ली जा रही है। सीमावर्ती जिलों के साथ अन्य जिलों में भी पुलिस की नजर दूर-दराज से आनेवाले वाहनों पर है। पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई जिलों में शराब की बड़ी खेप भी पकड़ी जा चुकी है।

 

पुलिस की नजर सिर्फ प्रमुख मार्गों और बाजारों पर नहीं है। नए साल पर पार्क और दूसरे पिकनिक स्पॉट पर काफी भीड़भाड़ होती है। ऐसे जगहों पर कोई शराब न पी सके इसके लिए बड़ी संख्या में पुलिस का पहरा होगा। पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस को गश्त बढ़ाने और वाहन जांच के आदेश दिए हैं। खासकर शहरी और अर्द्ध शहरी इलाकों में पुलिस विशेष अभियान चला रही है।
 

पुलिस रिकार्ड में आ चुके शराब तस्करों के साथ ही वैसे सप्लायरों पर भी पुलिस की नजर है जो पहले गिरफ्तार हो जा चुके हैं। शराब की डिलिवरी में इन सप्लायरों का अहम भूमिका होती है। तस्करी के जरिए लाई गई शराब इन्हीं के माध्यम से पीनेवालों तक पहुंचती है। लिहाजा पुलिस इनकी नकेल कसने में जुटी है।