नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) सोमवार यानी 15 नवंबर को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बैठक करेंगी। इस बैठक में देश की वृद्धि को प्रोत्साहन देने के लिए सुधार केंद्रित कारोबारी माहौल बनाने और निवेश को आकर्षित करने के तरीकों पर चर्चा होगी। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने ट्वीट किया कि 15 नवंबर को होने वाली इस वर्चुअल बैठक में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी और भागवत कराड़ भी शामिल होंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, राज्यों के मुख्य सचिव और वित्त सचिव भी बैठक में शिरकत करेंगे।

मंत्रालय ने कहा, ”बैठक में चर्चा का विषय निवेश को बढ़ाने के लिए एक अनुकूल इकोसिस्टम का निर्माण करना होगा। इसके अलावा बैठक में वृद्धि को प्रोत्साहन, सुधार, निवेश प्रोत्साहन और सुधार आधारित कारोबारी वातावरण के निर्माण के उपायों पर चर्चा होगी।” 

यह बैठक कोविड-19 की दो लहरों के बाद अर्थव्यवस्था में तेजी से पुनरुद्धार और केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय को बढ़ाने के प्रयासों के बीच बुलाई गई है। इससे पहले केंद्रीय वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने पिछले सप्ताह कहा था कि चर्चा का केंद्र राज्य स्तर के ऐसे मुद्दे, अवसर और चुनौतियां होंगी, जिनके जरिए हम ऊंचा निवेश और वृद्धि हासिल कर सकते हैं।

सचिव ने कहा था, ”सरकार पूंजीगत व्यय कर रही है और प्राइवेट सेक्टर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन यह अभी तक बड़े पैमाने पर वास्तविक निवेश में तब्दील नहीं हुआ है। हालांकि, पूंजीगत व्यय बड़े पैमाने पर निवेश की संभावना को दर्शाता है।”

बीते वित्त वर्ष 2020-21 में कोविड-19 महामारी की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्त वर्ष की पहली अप्रैल-जून की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 20.1 फीसदी की दर से बढ़ी है। चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में देश में 64 अरब डॉलर का एफडीआई आया है।