वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए गुरुवार को एक नई स्कीम आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से मिली आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए किए गए उपायों से अर्थव्यवस्था में सुधार के क्रम में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए नई स्कीम लांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दो वर्षों के लिए लाई जा रही यह स्कीम एक अक्टूबर 2020 से प्रभावी होगी। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत उन कंपनियों को शामिल किया जाएगा जिनमें कर्मचारियों की संख्या 1,000 या उससे कम हो। एक अनुमान के अनुसार, औपचारिक यानी फॉर्मल सेक्टर की करीब 65 फीसदी कंपनियां इस सकीम के तहत शामिल होंगी। वित्तमंत्री कोरोना महामारी के कहर से निपटने के लिए नए राहत के नए उपायों की घोषणा को लेकर एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रही थी।

वित्त मंत्री ने कहा, ऊर्वरक के लिए 65000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इस सब्सिडी से 14 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा। भारत में ऊर्वरक की खपत पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 17.8 फीसदी बढ़ी है। वित्त मंत्री ने कहा, सरकार एनआईआईएफ के डेट प्लेटफॉर्म में 6000 करोड़ रुपये इक्विटी के रूप में निवेश करेगी। वित्त मंत्री ने कहा, इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम को 31 मार्च 2021 तक आगे बढ़ा दिया गया है। इसके अंतर्गत 20 फीसद कार्यशील पूंजी देने का प्रावधान है। इसमें कोलेट्रल फ्री लोन दिया जाता है। 

वित्त मंत्री ने कहा, आत्मनिर्भर भारत 3.0 के अंतर्गत 12 राहत उपायों की घोषणा होगी। इसके अंतर्गत रोजगार में वृद्धि के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की जा रही है। इस योजना से संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। पंजीकृत ईपीएफओ संस्थान से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका लाभ मिलेगा। इससे उन लोगों को लाभ मिलेगा जिनका वेतन 15,000 रुपये से कम है या जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुडे थे अथवा जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर के बीच चली गई थी। यह योजना 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी और 30 जून 2021 तक लागू रहेगी।