एकादशी तिथि का बहुत अधिक महत्व होता है। जैसे की हम जानते हैं कि हर माह में दो बार एकादशी पड़ती है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। इसमें से ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी के नाम से जानी जाती है। इस एकादशी को सबसे अधिक श्रेष्ठ माना जाता है।


धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक निर्जला एकादशी का व्रत करने से सालभर की एकादशी व्रत करने के बराबर फल मिल जाता है। इस साल 21 जून, 2021 को एकादशी व्रत रखा जाएगा।  निर्जला एकादशी का व्रत हर किसी को करना चाहिए। इस व्रत में एक नियम ऐसा है जिसका पालन करना बहुत जरूरी होता है।


निर्जला एकादशी के नियम

निर्जला एकादशी का नाम है ही निर्जला मतलब की बिना जल के। बता दें कि इस निर्जला एकादशी के व्रत में जल का त्याग करना होता है। इस व्रत में व्रती पानी का सेवन नहीं कर सकता है। व्रत का पारण करने के बाद ही व्रती जल का सेवन कर सकता है।  एकादशी तिथि प्रारम्भ - जून 20, 2021 को 04:21 पी एम। व्रत तोड़ने का समय - 22 जून को, 05:24 ए एम से 08:12 ए एम।