विश्वनाथ चारआली गांव के 9 व 10 नंबर लाइन इलाके में गत 23 दिसंबर 2014 को एनडीएफबी(एस) के उग्रवादियों द्वारा 30 आदिवासी समुदाय के लोगों की हत्या मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने आज फैसला सुनाया। अपने फैसले में असम एनआईए की विशेष अदालत ने इस नरसंहार से जुड़े खेमराय बसुमतारी उर्फ उर्ला को भादंवि की धारा 19 तथा 20 यूए(पी) कानून के तहत दोषी पाया तथा उसे 7 साल की कैद तथा 10 हजार रुपए जुर्माना देने की सजा सुनाई।

जुर्माने की रकम अदा नहीं करने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा सुनाई। उल्लेखनीय है की नरसंहार के पश्चात विश्वनाथ चारआली थाने में दर्ज केस संख्या 310/2014 मामले को गत 25 दिसंबर  2014 को एनआईए के हवाले कर दिया था।