पिछले काफी समय से जेडीयू और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के अब सुर बदल गए हैं। आलाकमान से दो टूक संदेश मिलने के बाद उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार का अगला विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। बता दें कि हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने स्पष्ट कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगले बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए का नेतृत्व करेंगे।

अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गिरिराज ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह फैसला लिया है, हम लोग उस फैसले के साथ हैं। स्वाभाविक है कि बिहार में एनडीए चुनाव लड़ेगी जिसके मुखिया नीतीश कुमार हैं। गिरिराज ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हम बराबरी की सीटों पर चुनाव लड़े थे। उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव भी इसी आधार पर लड़ा जाएगा। लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार की 40 सीटों में से बीजेपी और जेडीयू ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। एनडीए की तीसरी सहयोगी एलजेपी को 6 सीटें दी गई थीं। बीजेपी और एलजेपी ने जहां अपनी सभी सीटों पर जीत हासिल की थी, वहीं जेडीयू सिर्फ एक सीट पर हार मिली थी। अब गिरिराज सिंह इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी-जेडीयू में बराबर-बराबर सीटों का बंटवारा हो।

इससे पहले, बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए में रहते हुए जेडीयू बीजेपी के मुकाबले ज्यादा सीटों पर लड़ी थी। जेडीयू सूबे में खुद को बीजेपी के सीनियर पार्टनर के तौर पर देखती आई है। पिछले चुनाव में दोनों दल अलग-अलग लड़े थे। 2005 और 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए में बीजेपी के साथ सिर्फ जेडीयू थी। तब दोनों ही बार जेडीयू 142 सीटों पर लड़ी थी, जबकि बीजेपी 101 सीटों पर। नीतीश को फिर से साथ लाने के लिए बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जिस तरह अपनी 5 जीती हुई सीटों का बलिदान दिया था, उससे ऐसी अटकलें लग रही हैं कि विधानसभा चुनाव में पार्टी टिकट बंटवारे में बराबरी का रुतबा चाहती है। गिरिराज का ताजा बयान भी उसी तरफ इशारा कर रहा है।

बता दें कि गिरिराज सिंह हाल के दिनों में नीतीश कुमार पर लगातार हमले कर रहे थे। पटना में जलजमाव से बाढ़ जैसे हालात के मुद्दे को लेकर सिंह ने सीधे-सीधे नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था जिस पर जेडीयू ने तीखा पलटवार भी किया था। केंद्रीय मंत्री द्वारा नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोले जाने पर आरजेडी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों ने जेडीयू सुप्रीमो पर डोरा डालना शुरू कर दिया था कि वह बीजेपी का साथ छोड़कर ऐंटी-एनडीए फ्रंट में शामिल हो जाएं।