उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ इलाकों में रविवार और सोमवार का दिन भारी बारिश लेकर आ सकता है। शनिवार को राजस्थान के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और जोधपुर डिविजन में रेल पटरियां बह गईं। पड़ोसी राज्यों में भी हल्की और मध्यम बारिश हुई है। उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अगले चार दिनों में तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

रविवार और सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है जबकि कुछ जगहों पर बहुत तेज बारिश हो सकती है। शनिवार को ही आईआईटी-दिल्ली फ्लाइओवर के नीचे सड़क का एक हिस्सा पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के चलते धंस गया, जिससे शनिवार को इलाके में ट्रैफिक काफी प्रभावित रहा। हालांकि दिल्ली के लिए राहत भरी खबर है कि यमुना का जलस्तर शनिवार सुबह खतरे के निशान 205.33 से नीचे पहुंच गया। दिल्ली में एक दिन पहले ही प्रशासन ने बाढ़ के लिए अलर्ट जारी किया था।

मौसम विभाग ने फिलहाल रविवार के लिए ‘येलो’ अलर्ट और सोमवार के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश में मॉनसून के सक्रिय होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, चित्रकूट, इटावा, एटा, औरैया, फिरोजाबाद, सोनभद्र, आगरा और ललितपुर जिलों में बारिश दर्ज की गई। पंजाब और हरियाणा में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया। वहीं दोनों ही राज्यों में कुछ स्थानों पर बारिश हुई। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया या और बारिश भी हुई।

राजस्थान में मौसम विभाग के अनुसार नागौर जिले में शनिवार को गुढा और गांविदी मारवाड़ जंक्शन के बीच लगातार पानी के बहाव के चलते जयपुर-जोधपुर रेलवे ट्रैक बह गया जिससे रेलगाड़ियों का आवागमन कुछ घंटों के लिए प्रभावित रहा। उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि कुछ घंटों के बाद पटरी बहाल हो गई। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान नागौर, बारां, जयपुर, सवाईमोधापुर, करौली, सीकर, अलवर, झुंझुनूं और चूरू जिलों में कहीं-कही भारी से काफी तेज बारिश दर्ज की गई।

पूर्वी राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश बारां के शाहबाद में 304 मिलीमीटर और पश्चिमी राजस्थान के डीडवाना, नागौर में 158 मिलीमीटर दर्ज की गई। विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बारां में अधिकतम 304 मिलीमीटर बारिश, टोंक के निवाई में 192 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान जयपुर जिले के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को बारां, झालावाड़ जिलों के एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी (115.6 मिलीमीटर से अधिक) बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाईमाधोपुर, भीलवाडा, बूंदी, कोटा और बारां जिलों के एक दो स्थानो के लिये ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

आईएमडी ने कहा कि 31 जुलाई से चार अगस्त के दौरान राजस्थान के पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि 31 जुलाई से तीन अगस्त के दौरान बारिश और तेज होगी। राजस्थान के पूर्वी भाग और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में कुछ स्थानों पर 31 जुलाई-दो अगस्त के बीच बहुत तेज बारिश हो सकती है। आईएमडी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, एक से दो अगस्त के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा के साथ छिटपुट जगहों पर बहुत तेज बारिश हो सकती है। आईएमडी ने कहा कि 31 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, एक अगस्त को पंजाब में, दो अगस्त तक हिमाचल प्रदेश और चार अगस्त तक उत्तराखंड और हरियाणा में भारी बारिश होगी।

मध्यप्रदेश के 22 जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के भोपाल कार्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पीके साहा ने शनिवार को कहा कि अलर्ट रविवार सुबह तक के लिए जारी किए गए हैं । उन्होंने बताया कि सतना, गुना, श्योपुर, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में अलग-अलग स्थानों के लिए बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि प्रदेश के 17 जिलों शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, सागर, नीमच, मंदसौर, अशोक नगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना के लिए भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।