बिहार में मानसून एक्टिव है और इसके प्रभाव से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश की संभावना है। लगातर हो रही बारिश के चलते राजधानी पटना में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, गंगा नदी में भी जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती प्रवाह के कारण बिहार में शनिवार व रविवार को लगभग 23 जिलों में भारी बारिश होने का संभावना है। हालांकि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम और भारी बारिश के आसार हैं। कुछ जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।

दरअसल, मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिम चंपारण, सिवान, सारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया आदि स्थानों पर मेघ गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने, वज्रपात व भारी बारिश का अनमान है। इसके साथ ही भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, गया, समस्तीपुर आदि जगहों पर मेघ गर्जन, वज्रपात व हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

बता दें कि बिहार और नेपाल में लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की कई नदियों में उफान है। गंगा, कोसी, कमला बलान, बागमती समेत कई नदियों के जलस्तर में लगातार तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। पटना सहित कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पटना में गंगा, पुनपुन नदी और भागलपुर में गंगा खतरे के निशाना से उपर बह रही हैं। पटना जिले के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा राहत कार्य चलाया जा रहा है।

गंगा में लगातार हो रही जलवृद्धि का असर इलाके में देखने को मिला। कृष्णा घाट से लेकर महावीर घाट के बीच उफनती गंगा का पानी गंगा पाथ वे पर आ गया। इससे गंगा किनारे रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। सड़क पर पानी आने के बावजूद भद्र घाट से लेकर कंगन घाट के बीच गंगा किनारे सड़क पर वाहनों का परिचालन हो रहा है। इधर लगातार हो रही जलवृद्धि को देखते हुए प्रशासन आवाजाही पर रोक लगाने की योजना बना रही है।