त्रिपुरा में बिश्रामगंज पुलिस थाने के अंतर्गत अमरेन्द्रनगर के पास के जंगल से जिंदा नवजात बच्ची बरामद हुई है। पुलिस नवजात बच्ची के जैविक माता-पिता का पता लगाने में जुट गयी है। एक स्थानीय युवक ने एक नवजात को जिंदा हालत में देखा। नवजात के शरीर में कीड़े चिपटे हुए थे और वह जिंदा थी।

युवक ने तुरंत अन्य लोगों को इस बारे में बताया और पुलिस को इसकी सूचना दी। इस बीच एक स्थानीय दाई ने बच्ची को उठाया और उसे प्राथमिक उपचार दिया। नवजात बच्ची कीड़ों के काटने से जख्मी हो गयी थी। पुलिस ने बाद में नवजात बच्ची को बिश्रामगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भेज दिया। पुलिस का मानना है कि नवजात बच्ची को जन्म देने के बाद उसकी मां ने उसे जंगल में फेंक दिया होगा या फिर नवजात के जन्म के बाद उसके माता-पिता उसे नहीं रखना चाहते होंगे।

पुलिस आस-पास के गांव और अस्पतालों में बच्चे के प्रसव के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए जांच कर रही है। त्रिपुरा बाल अधिकार संरक्षण आयोग (टीसीपीसीआर) की एक टीम ने अस्पताल का दौरा किया और उसे अपने साथ ले जाने का फैसला किया।