कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी जंग में न्यूजीलैंड ने जीत हासिल कर ली है। लगातार पांच दिन से न्यूजीलैंड में कोई नया केस नहीं आया। अब वहां एक भी मरीज अस्पताल में नहीं है। बता दें कि न्यूजीलैंड के आखिरी मरीज को डिस्चार्ज किया जा चुका है। करीब 50 लाख की आबादी वाले इस देश में 504 लोग कोरोना पॉजिटिव आए और 22 लोगों की मौत हुई। अभी वहां कोई नया मरीज नहीं है। संक्रमण से निपटने के लिए वहां की पीएम जैसिंडा अर्डर्न की रणनीतियों को सभी सराह रहे हैं।

आखिरी मरीज को डिस्चार्ज करने के बाद भी न्यूजीलैंड सरकार सतर्क है। एक एप को उन्होंने लॉच किया है, जिसकी मदद से हेल्थ केयर प्रफेशनल्स को अपडेट्स मिलेंगे। बता दें कि न्यूजीलैंड की सफलता की सबसे बड़ी वजह एक बेहतर योजना है। वहां कोरोना के मामले सामने आते ही लोकल ट्रांसमिशन को रोकने पर फोकस किया गया। ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के बायोलूमिनिसेंट सुपरबग्स लैब के हेड प्रोफेसर साउक्सी वाइल्स ने कहा, हमारी प्रधानमंत्री ने फैसला किया कि जैसा इटली में हुआ है, वह न्यूजीलैंड में नहीं होने देंगी।

बता दें कि वहां पहला केस 26 फरवरी को पाया गया था। 19 मार्च को उन्होंने देश की सीमाएं सील कर दी थीं। उन्होंने टीवी के जरिए लोगों को संबोधित कर समझाया कि कैसे निपटना है। लोगों को डराने की बजाए एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रेरित किया। देश के 50 लाख लोगों से टीम की तरह काम करवाया और वायरस की ट्रांसमिशन चेन को तोड़ दिया।