गृह मंत्रालय के आदेश से दिल्ली के बाजारों को बड़ी राहत मिली है। गृह सचिव अजय भल्ला के जारी आदेश के मुताबिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कोरोना दिशानिर्देशों के पालन की जिम्मेदारी जिला के अधिकारी व स्थानीय निकायों का होगा। इसके पहले नियमित तौर पर जारी हो रहे दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आदेश में बाजारों में भीड़भाड़ बढ़ने के लिए बाजार संगठन और व्यापारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

इसी आदेश के मद्देनजर पिछले कुछ दिनों से बाजारों और दुकानों पर बंदी का चाबुक चलाया जा रहा है। लक्ष्मी नगर, लाजपत नगर, करोलबाग, सदर बाजार व रोहिणी समेत अन्य बाजारों को बंद कराया गया, जिससे बाजारों में चिंता का माहौल है। दिल्ली को उत्तर भारत के प्रमुख कारोबारी हब के रूप में जाना जाता है। यहां 300 से अधिक थोक व खुदरा बाजार हैं। जिसमें कोई नौ लाख कारोबारी प्रतिष्ठान हैं।

चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि दुकानदार अपनी दुकान या गोदाम में कोरोना दिशानिर्देशों का पालन कर सकता है। सार्वजनिक जगहों पर नियम मनवाने का अधिकार व्यापारियों के पास नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी जो भी कार्यवाही करेंगे, उसमें मार्केट संगठनों को उत्तरदायी नहीं ठहराएंगे। साथ ही बाजारों को बंद करने जैसा फैसला नहीं लेंगे।

चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने कहा कि बाजारों में कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए प्रशासन, नगर निगम और दिल्ली पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। इस कारण सभी दिशानिर्देश टूट रहे हैं। ई-रिक्शा व रिक्शा पर निर्धारित सवारियों से अधिक सवारियां बैठाई जा रही है। इसी तरह कुछ धार्मिक स्थलों पर अनुमति के बगैर श्रद्धालु जा रहे हैं। उम्मीद है कि अब अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और सारी जवाबदेही दुकानदारों पर थोपने से बचेंगे।

फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि हम गृह मंत्रालय को धन्यवाद देते हैं जिसने दिल्ली के व्यापारियों की तकलीफ समझी है। लगातार बाजारों के बंद होने से व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ था। कोरोना महामारी के खिलाफ युद्ध में सभी एजेंसियों और लोगों का समन्वय जरूरी है। हम आगे भी इस मामले में पुलिस, नगर निगम और प्रशासन को पूरा सहयोग देंगे। ताकि बाजार सुरक्षित खरीदारी का ठिकाना बने रहे।

आटोमोटिव पा‌र्ट्स मर्चेंट एसोसिएशन, कश्मीरी गेट के अध्यक्ष विनय नारंग ने बताया कि कोरोना और लाकडाउन के कारण बाजार बुरे दौर से गुजर रहा है। काफी जान माल की हानि उठानी पड़ी है। कई व्यापारी और उनके परिवार के सदस्यों ने जान गंवाई। वहीं, कारोबार ठप होने से आर्थिक दिक्कतों से गुजरना पड़ा। ऐसे में व्यापारी वर्ग कोरोना को लेकर कत्तई लापरवाह नहीं है। यह अधिकारियों के साथ सभी जवाबदेह लोगों को यह समझना चाहिए। इस पर नियंत्रण के लिए सबका समन्वय जरूरी है।