पटना. बिहार में 24 दिसंबर से ‘गांव की नई सरकार’ प्रभाव में आ जाएगी. जी हां! शुक्रवार से प्रदेश के नवनिर्वाचित मुखिया और सरपंच का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होना शुरू हो जाएगा. शपथ ग्रहण का यह कार्यक्रम 31 जनवरी तक चलेगा. इस बार का यह समारोह अपने आप में अनूठा होगा. पंचायती राज के नवनिनर्वाच‍ित प्रतिनिधियों को नशामुक्ति की भी शपथ दिलाई जाएगी. इसका उद्देश्‍य बिहार में शराबबंदी के अभियान को जमीन स्‍तर पर लाना है. त्रिस्‍तरीय पंचायत चुनाव संपन्‍न होने के बाद से ही नए चुने गए मुखिया और सरपंच को इस दिन का इंतजार था.

जानकारी के अनुसार, पंचायती राज के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह 24 दिसंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान प्रदेश भर के पंचायत प्रतिनिधियों को शपथ दिलाने की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के तहत शपथ ग्रहण की प्रक्रिया संपन्न होगी. इस बार जनप्रतिनिधियों को दो तरह की शपथ दिलाई जाएगी. पहला संबंधित पद की और दूसरा नशामुक्ति के लिए. बिहार पंचायत चुनाव में जीत दर्ज कर आए वार्ड सदस्य से लेकर मुखिया, सरपंच, पंच और दूसरे नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को यह शपथ संबंधित बीडीओ या सीओ द्वारा दिलवाया जाएगा. इसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

नशामुक्ति की शपथ

इस बार जनप्रतिनिधियों को नशामुक्ति के लिए अलग से शपथ लेना होगा. नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियो को पहले ही बताया जा चुका है कि उन्हें पहली शपथ पद और गोपनीयता की लेनी होगी, जबकि दूसरा शपथ नशामुक्ति की दिलाई जाएगी. गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून का मामला अभी पूरी तरह से गरमाया हुआ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अभी समाज सुधार अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंच रहे हैं, जहां प्रमंडलीय सम्मेलन में जनसुधार अभियान में उनका जीविका दीदियों से सीधा संवाद हो रहा है. शराबवंदी को मजबूती से लागू करने के लिए ही सीएम अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर रहे हैं. सीएम खुद तमाम तरह के निर्देश भी दे रहे हैं.

अपनी जनसभाओं में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच से शराब और नशे से बिहार को मुक्त कराने का आह्वान करते नजर आ रहे हैं. चंपारण बापू की कर्मभूमि रही है और समाज सुधार अभियान का मुख्यमंत्री ने यहीं से आगाज भी किया है. 11 फेज में हुए बिहार पंचायत चुनाव का परिणाम सामने आने के बाद उप-मुखिया से लेकर उप-सरपंच, जिला प्रमुख और जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव 24 दिसंबर यानी आज से शुरू हो रहा है. निर्वाचन को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किया गया है.