लिपुलेख-गर्बाधार मार्ग को लेकर तेवर दिखाने वाले नेपाल के तेवर अब नरम पड़ने लगे हैं। नेपाल ने भारत से लगी सीमा पर नेपाल सशस्त्र बल की दो अस्थाई पोस्ट को अचानक हटा दिया गया। वहां तैनात जवानों को मुख्यालय जाने के आदेश दे दिए गए हैं। अब सीमा पर महज तीन-चार अस्थाई पोस्ट हैं। ये तीन-चार पोस्ट के भी धीरे-धीरे बंद होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि काठमांडू से गृह मंत्रालय के निर्देश पर दोनों पोस्ट हटाई गई हैं। वहीं इसके पीछे कारण अब सुदूर पश्चिम में अवैध आवाजाही कम होना बताया जा रहा है। वहीं, चीन और नेपाल सीमा पर शांति बनी हुई है। भारत के सुरक्षा बल दोनों सीमाओं पर मुस्तैद हैं।

सीमावर्ती जिला पिथौरागढ़ से सटाकर नेपाल ने अपने क्षेत्र में हाल ही में छांगरु, दुमलिंग, जौलजीवी, लाली तथा बैतड़ी जिले में झूलाघाट और पंचेश्वर में बीओपी चौकी खोली थीं। इसी तरह धारचुला जिले में उक्कू, बाकू, रतोड़ा और बैतड़ी जिले में बुरकिल, विनायक और बलारा में नेपाल सशस्त्र बल की पोस्ट बनाई थी। इसमें रतोड़ा पोस्ट तो दूसरे दिन ही बंद हो गई थी। बाकी पोस्ट में बल के दस से बारह जवान तैनात किए थे। नेपाल ने अपने धारचुला जिले की उक्कू और बैतड़ी जिले की बलारा पोस्ट बंद कर दी है। अब नेपाल में तीन पोस्ट बाकू, बुरकील और विनायक में ही पोस्ट हैं। अचानक पोस्ट हटाने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। एसडीएम धारचूला ए.के. शुक्ला ने कहा कि सूचना तो उन्हें भी मिली है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि में समय लगेगा।

नेपाल के सूत्रों के अनुसार पोस्ट पर तैनात उक्कू पोस्ट के जवान धारचुला के खलंगा स्थित 50 बटालियन और बलारा के जवान बैतड़ी के गढ़ी स्थित 51 वीं बटालियन में जाएंगे। धीरे-धीरे अन्य पोस्ट भी हटाए जाने के आसार हैं। पोस्ट हटाने के संबंध में बताया जा रहा है कि कोरोना काल में बनबसा पुल बंद होने से इस क्षेत्र से अवैध ढंग से नेपाल जाने वालों की संख्या बढ़ गई थी और तस्करी भी हो रही थी। इधर, अब बनबसा पुल खुल चुका है। धारचुला और बैतड़ी जिले में अब अवैध ढंग से आने जाने के मामले कम होने लगे हैं, जिसे देखते हुए पोस्ट हटाई गई हैं। साथ ही सीमा पर नेपाल के झूलाघाट, पंचेश्वर, लाली, जौलजीबी, दुमलिंग और छांगरू में स्थाई बीओपी खुलना भी बताया जा रहा है।