नेपाल को चीन की सीख में आकर भारत से दुश्मनी मोल लेना महंगा पड़ गया है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के को-चेयर और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के प्रमुख विरोधी नेता पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने साफ कह दिया है कि अभी पार्टी टूटने की आशंका खत्म नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीएम ओली क कहने पर कुछ लोगों ने देश के निर्वाचन आयोग के पास CPN-UMN नाम की पार्टी रजिस्टर कराई है। इससे पहले पार्टी के बीच पैदा हुए संकट को खत्म करने के लिए चीनी राजदूत ने ताबड़तोड़ बैठकें की थीं जिससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि शायद कुछ सुलह हो भी सकती है।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की स्थाई समिति की बैठक में प्रधानमंत्री ओली के धड़े और पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड के खेमे के बीच के मतभेदों को दूर नहीं किया जा सका। इसी बैठक के कुछ दिन बाद प्रचंड ने यह बयान दिया है। myrepublica की रिपोर्ट के मुताबिक पुष्प लाल श्रेष्ठ और नर बहादुर कर्मचार्य के स्मृति दिवस पर काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन दहल ने संकेत दिए किए NCP में संकट की वजह पीएम ओली का बर्ताव है।
दहल ने कहा है कि बातचीत के बावजूद पार्टी के दूसरे चेयरमैन के कहने पर निर्वाचन आयोग में CPN-UML नाम की पार्टी रजिस्टर कराई गई जिससे हमारी पार्टी संकट में है। EC में CPN-UML नाम की पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए 1 जुलाई को आवेदन दिया गया था। यह आवेदन संध्या तिवारी के नाम से दिया गया था। पीएम ओली पर पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए दहल ने कहा कि उन्होंने (ओली) अपने पक्ष में छात्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन कराए। उन्होंने कहा, 'हम पार्टी के अंदर चर्चा कर रहे हैं लेकिन देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं।