राजनीति को अपराध मुक्त करने के तमाम प्रयासों के बावजूद चुनाव जीतकर सत्रहवीं लोकसभा के सदस्य बने नेताओं में से 233 (43 प्रतिशत) के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज हैं। नामांकन पत्र भरते समय दिये गये हलफनामों से यह बात सामने आयी है कि विजयी उम्मीदवारों में से 159 (29 प्रतिशत) के विरुद्ध संगीन किस्म के आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें बलात्कार, हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और महिलाओं के विरुद्ध अपराध आदि शामिल हैं। 

नेशनल इलेक्शन वाच के आकलन के अनुसार 10 निर्वाचित सांसदों ने तो आपराधिक मामलों में सजा होने की बात तक स्वीकार की है। इनमें से पांच भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुने गये हैं जबकि चार कांग्रेस और एक वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर जीते हैं। इनमें से चार प्रगतिशील राज्य केरल से जबकि दो मध्य प्रदेश से तथा एक-एक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और आन्ध्र प्रदेश से विजयी हुए हैं। कांग्रेस के टिकट पर केरल के इडुक्की सीट से जीते डीन कुरिकयाकोसे पर कुल 204 मामले दर्ज हैं। इन पर भारतीय दंड संहिता की 37 संगीन धाराओं तथा 887 अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। 

मध्य प्रदेश के धार सीट से जीते भाजपा के छतर सिंह दरबार के विरुद्ध सिर्फ एक मामला दर्ज है जिन पर तीन गंभीर धाराएं लगायी गयी हैं। राजस्थान की बाड़मेर लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुने गए कैलाश चौधरी पर दो मामले दर्ज हैं जिनमें दो संगीन धाराओं तथा छह अन्य धाराओं के तहत हैं। भाजपा के टिकट पर महाराष्ट्र के मुंबई-उत्तर पूर्व से निर्वाचित मनोज किशोरभाई कोटक पर दो मामले दर्ज हैं जिनमें दो पर गंभीर धाराएं तथा चार अन्य धाराएं लगायी गयी हैं। केरल के त्रिशूर सीट पर कांग्रेस के टिकट पर जीते टी. एन. परतपन पर सात मामले दर्ज हैं। इन पर एक गंभीर धारा तथा 35 अन्य धाराएं लगायी गयी हैं। केरल के ही कन्नूर सीट पर कांग्रेस के टिकट पर विजयी के सुधाकरण पर तीन मामले दर्ज हैं। उन पर एक संगीन धारा तथा छह अन्य धाराएं लगायी गयी हैं। 

आन्ध्र प्रदेश के अनंतपुर से वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवार तलारी रंगैया पर दो मामले दर्ज हैं। इन पर एक गंभीर धारा और तीन अन्य धाराएं लगायी गयी हैं। केरल के पलक्कड क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित वी. के. श्रीकंडन पर कुल सात मामले दर्ज हैं। इन पर 29 धाराएं लगायी गयी हैं। उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित जगदंबिका पाल पर तीन मामले दर्ज हैं और तीन धाराएं लगायी गयी हैं। मध्य प्रदेश के सागर सीट पर भाजपा के टिकट पर विजयी राज बहादुर सिंह पर कुल एक मामले दर्ज हैं। चुने गये कुल ग्यारह सांसदों के विरुद्ध हत्या से संबंधित मामले दर्ज हैं। इनमें से पांच भाजपा, दो बहुजन समाज पार्टी , एक कांग्रेस, एक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एक वाईएसआर कांग्रेस तथा एक निर्दलीय उम्मीदवार हैं। 

भाजपा के होरेन सिंहबे स्वायत्तशासी जिला (असम) से, निसित प्रामाणिक कूच बिहार (पश्चिम बंगाल) से, अजय कुमार खीरी (उत्तर प्रदेश) से , साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल(मध्य प्रदेश) से और छतर सिंह दरबार धार (मध्य प्रदेश) से निर्वाचित हुए हैं। बसपा के अतुल कुमार सिंह घोसी (उत्तर प्रदेश) और अफजाल अंसारी गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) से विजयी हुए हैं। पश्चिम बंगाल के के बहरामपुर से कांग्रेस के टिकट पर जीते अधीर रंजन चौधरी पर कुल सात मामले दर्ज हैं। असम के कोकराझार से निर्दलीय विजयी नाभाकुमार सरनिया पर कुल पांच मामले दर्ज हैं। राकपा के टिकट पर महाराष्ट्र के सतारा से चुने गये उदयनराजे प्रताप ङ्क्षसह महाराज आठ और आन्ध्र प्रदेश के हिन्दूपुर से वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर विजयी के जी माधव पर दो मामले दर्ज हैं। इलेक्शन वाच ने इस बार कुल 539 निर्वाचित सांसदों की उनकी घोषाणाओं को लेकर विश्लेषण किया है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 185 विजयी सांसदों (34 प्रतिशत) के विरुद्ध तथा 2009 के चुनाव में 162 विजयी सांसदों के विरुद्ध आपधारिक मामले दर्ज थे।