नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। इन आकंड़ो के अनुसार साल 2018 में भी लगातार दूसरे साल असम महिलाओं के विरुद्ध अपराध में पहले स्थान पर रहा। असम में साल 2018 में महिलाओं के विरुद्ध अपराध की दर 166 है। ये राष्ट्र दर 58.8 से कहीं ज्यादा है। सबसे चौंकाने वाली बात तो ये हैं कि अब तक हम दिल्ली को महिलाओं के लिए सबसे असुक्षित मानते रहे हैं। जबकि दिल्ली इस सूची में 149.6 की दर से साथ दूसरे और 107.5 की दर के साथ हरियाणा तीसरे नंबर पर है।


इस आधार पर तैयार हुई है रिपोर्ट

क्राइम की ये दर प्रति 1 लाख की जनसंख्या के आधार पर निकाली गई है। साल 2018 में महिलाओं के विरुद्ध कुल 27728 अपराध दर्ज हुए (साल 2017 में ये आंकड़ा 23082) जो कि सभी प्रकार के अपराधों का 7.3 प्रतिशत है।

अधिकारी ने दी जानकारी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये आंकड़े महिलाओं को लेकर असम की बिलकुल अच्छी तस्वीर पेश नहीं करते, लेकिन हमें ये ध्यान रखना चाहिए कि ये आंकड़ा उन केसों के आधार पर है जो दर्ज हुए। साल 2017 में असम में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध की दर 143.3 थी जबकि राष्ट्रीय आंकड़ा 57.9 है।

उन्होंने बताया कि असम में बलात्कार / सामूहिक बलात्कार और हत्या के 66 मामलों को भी दर्ज किया गया है। 2017 में, असम का आंकड़ा 27 था, जो 64 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा था।

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