राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सुप्रीमो शरद पवार ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिससे कई प्रकार की अटकलों को हवा मिली है। पवार ने हालांकि इसे एक आधिकारिक मुलाकात बताते हुए खुद स्थिति को साफ करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, चीनी सहकारी क्षेत्र के सामने आने वाले मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आज नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ ही एनएफसीएसएफ (नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड) के अध्यक्ष जयप्रकाश दांडेगांवकर और प्रकाश नाइकनवरे के साथ एक संक्षिप्त बैठक हुई।

बैठक का महत्व इसलिए बढ़ गया, क्योंकि यह उसी दिन हुई, जब पवार की बेटी सुप्रिया सुले कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा आयोजित विपक्षी नेताओं की ब्रेकफास्ट मीटिंग (नाश्ते के दौरान बैठक) में शामिल हुईं। हालांकि, कांग्रेस और शिवसेना, जो महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सहयोगी हैं, ने बैठक के किसी भी राजनीतिक महत्व को खारिज कर दिया।

यह बैठक शिवसैनिकों के हंगामे के एक दिन बाद हुई, जिसमें मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग लिमिटेड (एएएचएल) द्वारा लगाए गए एक नए होर्डिंग को तोड़ दिया गया, जो उन्होंने आरोप लगाया कि यह एएएचएल का एकतरफा कदम है। उन्होंने एयरपोर्ट का नाम नाम अचानक बदलकर इसे अदानी समूह के ब्रांड नाम से बदलने पर अपना रोष जताया। पवार सत्तारूढ़ दल के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और 17 जुलाई को मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और करीब 50 मिनट तक बात की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से यह जानकारी दी गई। महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार में दरार की खबरों के बीच हुई बैठक के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं।