कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सामाजिक सुरक्षा योजना से अक्टूबर 2021 में 12.19 लाख नए सदस्य जुड़े. ये आंकड़े देश में संगठित क्षेत्र में रोजगार के परिदृश्य को दर्शाते हैं. इससे पिछले महीने यानी सितंबर में इस योजना से 13.57 लाख नए सदस्य जुड़े थे. ताजा आंकड़े राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट का हिस्सा है.

इस संबंध में शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ESIC से जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या अप्रैल में 10.78 लाख, मई में 8.91 लाख, जून में 10.68 लाख, जुलाई में 13.40 लाख और इस साल अगस्त में 13.47 लाख थी. वही जून, जुलाई और अगस्त के आंकड़े इस साल अप्रैल के मध्य में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बाद राज्यों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में ढील के बाद वृद्धि दर्शाते हैं.

 

NSO की रिपोर्ट के अनुसार बीते वित्त वर्ष यानी 2020-21 में ESIC से जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या करीब 1.15 करोड़ थी. वही 2019-20 में यह आंकड़ा 1.51 करोड़ तथा 2018-19 में 1.49 करोड़ था. सितंबर, 2017 से मार्च, 2018 के दौरान ESIC योजना से 83.35 लाख नए अंशधारक जुड़े. वही सितंबर, 2017 से अक्टूबर 2021 की अवधि में ESIC से 5.82 करोड़ नए सदस्य जुड़े हैं. यह रिपोर्ट ESIC, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजना के नए अंशधारकों से संबंधित रोजगार के आंकड़ों पर आधारित है.

रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की योजना से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या अक्टूबर में 12.73 लाख रही जो सितंबर 2021 में 13.97 लाख थी. EPFO की योजना से सितंबर 2017 से लेकर अक्टूबर 2021 के दौरान सकल रूप से करीब 4.79 करोड़ अंशधारक जुड़े.

 

कर्मचारी राज्य बीमा योजना या ESIC कई सुविधाएं देता है. यह भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है. जब बात सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की होती है तो ईएसआईसी उन सबमें अहम भूमिका निभाता है. ESIC देश के लगभग 13 करोड़ लोगों को बीमारी के इलाज और कुछ अन्य सुविधाओं का लाभ देता है. ईएसआईसी से बीमित कर्मचारी और उनके आश्रितों को ईएसआईसी से कई मुफ्त सुविधाएं मिलती हैं. अगर कोई महिला ईएसआईसी से जुड़ी हो या किसी पुरुष कर्मचारी के घर की महिला हो तो उसे गर्भावस्था के दौरान कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं.