ऑनबोर्ड कंप्यूटर में गड़बड़ी के चलते साइंस ऑपरेशन्स बंद होने के तीन हफ्ते बाद हबल स्पेस टेलीस्कोप पृथ्वी से करीब 540 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में चुपचाप अंधाधुंध उड़ान भर रहा है। नासा के वैज्ञानिक ‘स्कूल बस’ के आकार वाले टेलीस्कोप को ठीक करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसकी मरम्मत पिछली बार करीब एक दशक पहले की गई थी। 

एक बार फिर स्पेस में ‘धरती की आंख’ गड़बड़ी का सामना कर रही है। नासा ने उन प्रक्रियाओं का परीक्षण पूरा कर लिया है जिनका इस्तेमाल पेलोड कंप्यूटर को रीबूट करने के लिए किया जाएगा, इस प्रक्रिया को अगले सप्ताह तक टेलीस्कोप पर आजमाया जा सकता है। हबल स्पेस टेलीस्कोप टीम ने इसकी जानकारी दी। 1990 में स्पेस शटल डिस्कवरी द्वारा पहली बार तैनात किए जाने के बाद दूरबीन की आखिरी बार 2009 में मरम्मत की गई थी।

पृथ्वी के ऊपर अंतरिक्ष में अपनी तीन दशकों से अधिक लंबी सेवा के दौरान, टेलीस्कोप को कई गड़बडिय़ों का सामना करना पड़ा है, जिन्हें संचालन को फिर से शुरू करने के लिए समय पर ठीक कर दिया गया था। हालांकि मौजूदा गड़बड़ी का इंजीनियरों को पता लगाने और पैच भेजने में उम्मीद से अधिक समय लग रहा है। पहले भी टेलीस्कोप के इमेजिंग स्पेक्ट्रोग्राफ को गड़बडिय़ों का सामना करना पड़ा है। इमेजिंग स्पेक्ट्रोग्राफ को पहले 2004 और फिर 2007 में बिजली की कमी से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते एडवांस कैमरा फॉर सर्वे, जो कि टेलीस्कोप का प्राइमेरी कैमरा है, प्रभावित हुआ था।