अब जल्द ही हमारे बातचीत के माध्यम बदलने वाले हैं। अब हो सकता है कि मार्केट में ऐसे स्मार्टफोन आएं जो लेजर आधारित संचार प्रणाली पर काम करते हों। इतना ही नहीं ​बल्कि नेविगेशन में भी तीव्रता आएगी क्योंकि अंतरिक्ष से आने वाले संदेशों में समय कम लगेगा। दरअसल, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) 4 दिसंबर को एक ऐसा सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है जो संचार के तरीकों को बदल देगा। रेडियो फ्रिक्वेंसी के बजाय यह सैटेलाइट लेजर आधारित डेटा कम्यूनिकेशन पर काम करेगा।

NASA के इस मिशन का नाम लेजर कम्यूनिकेशन रिले डिमॉन्स्ट्रेशन (Laser Communication Relay Demonstration - LCRD) है। इस सैटेलाइट में डेटा को लेजर के जरिए धरती पर भेजा जाएगा। लेजर के जरिए ही रिसीव किया जाएगा।

नासा के इस मिशन से समय की बचत होगी। क्योंकि रेडियो फ्रिक्वेंसी आधारित संचार में डेटा के खराब होने और देरी से मिलने की संभावना बनी रहती है। जबकि लेजर के साथ ऐसा नहीं होगा। यह तेज गति से संदेश भेजेगा और इसके जरिए भेजे गए डेटा को मौसम, हैकिंग या कोई रेडियो फ्रिक्वेंसी डिस्टर्ब नहीं कर पाएगी।

NASA LCRD तकनीक से संदेश भेजना इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह रेडियो फ्रिक्वेंसी से 10 से 100 गुना ज्यादा ताकतवर होगा। 10 से 100 गुना का मतलब ये होता है कि आप लेजर की ताकत के अनुसार संदेश का आदान-प्रदान कर सकते हैं। कम ऊर्जा का उपयोग कर सकते हैं।