भारत की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Govt) आज से गांव में रहने वाली महिलाओं के लिए नई सेवा शुरू कर रही है। जिसके तहत अब जरूरत पड़ने पर ग्रामीण महिलाएं अब पांच हजार रुपये का इंतजाम बिना किसी परेशानी के मिनटों में कर सकेंगी।

यह एक ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी (Overdraft Facility)है। जिसका इस्तेमाल अब इन महिलाओं को बड़ी राहत देगा। आमतौर पर ऐसी सुविधाएं बड़े लोगों को दी जाती थीं लेकिन अब गांव की महिलाओं को भी ये सुविधा मिलने से उन्हें किसी के आगे गिड़गिड़ाना नहीं पड़ेगा।

केंद्र सरकार आजादी के अमृत महोत्सव मना रही है। इसी सिलसिले में ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव नागेन्द्र नाथ सिन्हा 18 दिसंबर, 2021 को दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत सत्यापित महिला स्वसहायता समूह सदस्याओं के लिये 5000 रुपये की ओवरड्राफ्ट सुविधा का शुभारंभ करेंगे।

सरकारी बैंक और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से होगा। इस आयोजन में सभी बैंकों के मैनेजिंग डायरेक्टर, उप प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक समेत मुख्य महाप्रबंधक भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (National Rural Livelihood Mission) के अधिकारी भी शामिल होंगे।

सत्यापित स्वसहायता सदस्यों को पांच हजार रुपये की ओवरड्राफ्ट सुविधा की अनुमति दिये जाने के विषय में वित्तमंत्री ने 2019-20 के अपने बजट भाषण में जो घोषणा की थी, उसके अनुसार ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) ने देश के ग्रामीण इलाकों में महिला स्वसहायता समूहों की सदस्याओं को ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि वो अपनी इमरजेंसी में आने वाली जरूरतों को पूरा कर सकें। एक अनुमान के अनुसार DAY-NRLM के तहत 5 करोड़ महिला स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इस सुविधा की पात्र हो जायेंगी।

सरकारी बैंक और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से होगा। बैंकों के प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों/उप प्रबंध निदेशकों, कार्यकारी निदेशकों, मुख्य महाप्रबंधकों/महाप्रबंधकों तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों/राज्य प्रबंध निदेशकों का कार्यक्रम में हिस्सा लेने की आशा है।