प्रधानमंत्री नरेंद्र को हमेशा सीधे जनता से जुड़े रहने वाला नेता माना जाता है और ऐसा कई बार जमीनी स्तर पर भी देखने को मिला है। ऐसा नहीं है कि पीएम मोदी सिर्फ लोगों से जुड़ने की बातें करते हैं, बल्कि वो इस दिशा में लगातार प्रयासरत रहते हैं। 

इसका एक और नमूना पीएम मोदी ने पेश किया है। दरअसल, सोमवार से पीएम मोदी ने क्षेत्रीय भाषाओं में लोगों से संवाद करने का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। इस दिशा में पीएम मोदी ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों से जुड़ने के लिए असमी और मणिपुरी भाषा में अपनी आधिकारिक वेबसाइट की शुरूआत हुई है।

इस वेबसाइट की शुरूआत नए साल के अवसर पर की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि दोनों राज्‍य के नागरिक चाहते थे कि उनकी भाषा में प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट हो। इसी को ध्‍यान में रखकर असमी और मणिपुरी भाषा में वेबसाइट शुरू की गई है। इन वेबसाइट पर प्रधानमंत्री से संबंधित सारी जानकारी उपलब्‍ध होगी।

11 क्षेत्रीय भाषाओं में है पीएम इंडिया वेबसाइट

इसके साथ ही अब प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्‍ध हो गई है। इन भाषाओं में असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, और तेलुगु शामिल है।

राजनीतिक भी हो सकती है पीएम मोदी की ये कोशिश

आपको बता दें कि पीएम मोदी की इस पहल को वैसे तो लोगों से सीधे संवाद के तौर पर माना जा रहा है, लेकिन इसके अलावा इस पहल को आगे बढ़ाने का मतलब राजनीतिक दृष्टि से भी निकाला जा रहा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्‍यान उत्‍तर-पूर्व के राज्‍यों पर विशेष तौर पर है। असम और मणिपुर में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री इस क्षेत्र के अन्‍य राज्‍यों में भी पार्टी का परचम लहराना चाहते हैं। इसके लिए लगातार जहां विकास योजनाओं के लिए पैसा भेजा जा रहा है वहीं प्रधानमंत्री ने भी इन क्षेत्रों के कई दौरे कर लिए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर इस साल उत्‍तर-पूर्व के चार राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी है। इस साल त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री यह संदेश भी देना चाहते हैं कि इस इलाके के प्रति उनको विशेष लगाव है।