छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में अपने ड्राइवर को पीटने के मामले में फिर से विवादों में आए नारायणपुर एसपी उदय किरण (Narayanpur SP Uday Kiran beating his driver) को पद से हटा दिया गया है।  इसको लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने सोमवार देर शाम निर्देश जारी कर दिए। 

साथ ही मामले की जांच आईजी बस्तर सुंदरराज पी. (IG Bastar Sundarraj P) को देकर रिपोर्ट मांगी गई है।  सीएम बघेल ने कहा, पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा होती है कि वह अपराधियों से सख्त व्यवहार करें।  अमर्यादित होकर मातहत कर्मचारियों से मारपीट करना क्षमा योग्य नहीं है। 

नारायणपुर एसपी उदय किरण (Narayanpur SP Uday Kiran) पर इस बार अपने ही ड्राइवर को पीटने का आरोप लगा है।  ड्राइवर को इतनी बुरी तरह से पीटा गया कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।  आदिवासी समाज के प्रतिनिधि ड्राइवर से मिलने अस्पताल पहुंचे और नाराजगी जताई।  वहीं, पूर्व सांसद सोहन पोटाई ( former MP Sohan Potai) ने एसपी को पद से हटाने और एट्रोसिटी एक्ट में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।  दूसरी ओर एसपी ने मारपीट से इनकार किया है। 

जानकारी के मुताबिक, कॉन्स्टेबल जयलाल नेताम की ड्यूटी (Jayalal Netam is accompanied by SP Uday Kiran as the driver) ड्राइवर के तौर पर एसपी उदय किरण के साथ हैं।  आरोप है कि गाड़ी की सफाई नहीं करने पर एसपी उदय किरण ने उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। 

इसके बाद कॉन्स्टेबल जयलाल नेताम डॉक्टर को दिखाने अस्पताल पहुंचे।  वहां उनकी हालत देख भर्ती कर लिया गया।  इसकी जानकारी लगते ही आदिवासी समाज के प्रतिनिधि भी कॉन्स्टेबल नेताम से मिलने के लिए अस्पताल पहुंच गए। 

सर्व आदिवासी समाज ने बैठक बुलाकर एसपी पर कार्रवाई की मांग की है।  उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।  पूर्व सांसद सोहन पोटाई ने भी स्क्क को हटाने की मांग की है।  वहीं, एसपी उदय किरण ने ड्राइवर से मारपीट करने की बात से इनकार किया है।  उनका कहना है कि उन्होंने सिर्फ डांटा था।  साथ ही कहा था कि लाइन भेज दूंगा, लेकिन मारा नहीं है।