हर राज्य की अपनी पारंपरिक डिश होती है। जिसे अलग- अलग त्योहार पर बनाया जाता है। आज हम महाराष्ट्र की ट्रेडिशनल डिश नराली भात के बारे में बता रहे हैं। इसे स्वीट कोकोनट राइस भी कहा जाता है। इसमें गुड़, नारियल और चावल को मिक्स करके बनाया जाता है। ये खाने में स्वादिष्ट होने के साथ साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। नराली भात में गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है जो फिटनेस फ्रीक लोगों के लिए भी फायदेमंद है। इसे खाने से आपकी कैलोरी भी अधिक नहीं बढ़ती है। 

नराली भात बनाने की रेसिपी

सामग्री

1/2 कप बासमती चावल

8 से 9 केसर के धागे

1 टेबलस्पून घी

1/2 कप गुड़

1/2 कप कद्दूकस किया नारियल

2 छोटी इलायची

3 लौंग

1 इंच दालचीनी का टुकड़ा

नमक स्वादनुसार

आधा चम्मच पीसा हुआ इलायची पाउडर

काजू, किशमिश

बनाने का तरीका

नराली भात बनाने के लिए सबसे चावल को 30 मिनट के लिए पानी में भीगोकर रख दें।

इसके बाद मध्यम आंच पर कहाड़ी को गर्म करके घी डालें। जब घी गर्म हो जाए तो उसमें चावल को डालकर एक मिनट के लिए पकाएं।

कुछ समय बाद एक कप पानी, नमक और केसर के धागे जासें

दूसरे पैन में घी डालकर काजू , किशमिश को सुनहरा ब्राउन होने तक पकाएं।

इसके बाद गुड़ और नारियल डालकर गुड़ पिछलने तक पका लें।

जब गुड़ अच्छे से पक जाएं तो उसमें चावल डालकर अच्छे से मिक्स कर लें और करीब 5 मिनट तक ढककर अच्छे से पकाएं।

इसके बाद आखिर में इलायची पाउडर डालकर मिक्स कर लें और गैस बंद कर दें।

नराली भात मुख्य रूप से महाराष्ट्र में नारियल पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। ये त्योहार सावन मास की श्रावणी पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश में राखी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं, महाराष्ट्र में कोली समुदाय के मछुआरे के लिए नारियल पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। नारियल शब्द नारल से बना हुआ है जिसका अर्थ नारियल है। इस खास दिन पर मछुआरे समुद्र से अपनी नाव उतारने से पहले वरुण देव को प्रसन्न करने के लिए समंदर में नारियल अर्पित करते हैं। इस खास दिन पर नारियल से बने पकवान बनाते हैं। इस दिन नारली भात, नारली करंजी और नारली वड़ी शामिल है।