मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल यहां नामीबिया से लाए गए चीतों में से एक मादा चीता के गर्भवती होने के आसार हैं। इस मादा चीता का नाम पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘आशा’ रखा है। अब आशा ने चीतों का कुनबा बढ़ने की उम्मीद जगा दी है।आशा के गर्भवती होने की पुष्टि इस महीने के अंत तक हो जाएगा। 

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चीता कंजर्वेशन फंड के कार्यकारी निदेशक लॉरी मार्कर ने कहा कि अगर आशा गर्भवती है, तो यह उसका पहला मौका है। माना जा रहा कि नामीबिया में ही ऐसा हुआ, क्योंकि वो जंगल में थी। अगर उसके पास शावक हैं, तो हमें उसे प्राइवेसी और शांत माहौल देना होगा। उसके आस-पास कोई भी नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उसके बाड़े में खाने-पीने की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।

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बता दें कि नामीबिया से लाए गए 8 चीतों में तीन मेल चीते हैं। इनकी उम्र 2 से 5 साल के बीच बताई जा रही है। बता दें कि पिछले 70 सालों से भारत से चीते विलुप्त हो गए थे। एक समझौते के तहत नामीबिया से चीते भारत लाए गए हैं। मध्यप्रदेश सरकार चीतों के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए 450 से अधिक चीता मित्र नियुक्त किए हैं। ‘चीता मित्र’ चीते के रहन-सहन और तौर-तरीकों के बारे में जागरूक करेंगे।फिलहाल इन चीतों को छोटे बाड़ों में रखा गया है। एक महीने बाद इन सभी को बड़े बाड़ों में छोड़ा जाना है। अगर आशा के शावक होते हैं, तो उनको बचाने में बड़ी जद्दोजहद करनी होगी। जन्म के वक्त चीतों के शावकों का वजन 250 से 450 ग्राम तक होता है। इन शावकों में से 90 फीसदी वक्त से पहले ही जान भी गंवा देते हैं। अगर आशा 4 शावकों को जन्म देती है और इनमें से 2 भी जिंदा रहते हैं, तो इसे बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।