उत्तर प्रदेश चुनाव (UP Election) में पश्चिम क्षेत्र की कैराना विधानसभा (Kairana Assembly seat) हॉट सीट बन गई है। यह सीट विपक्षी पार्टी सपा और रालोद (SP and Ralod) के लिए भी नाक का सवाल बन गई है। सपा और रालोद गठबंधन ने जहां इस सीट पर नाहिद हसन (Nahid hassan) को टिकट दिया है। वह गैंगस्टर एक्ट में जेल में बंद हैं। बीजेपी के खिलाफ किसान आंदोलन को भुनाने में सपा-रालोद को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister and BJP leader Amit Shah) ने डोर-टू-डोर कैंपेन (door-to-door campaign) कर पलायन के मुद्दे को फिर से हवा दे दी है। वहीं जाट बिरादरी का एक वर्ग नाहिद हसन को वोट न देने की बात कर रहा है। भाजपा ने इस सीट से मृगांका सिंह को मैदान में उतारा है, जो दिग्गज नेता रहे हुकुम सिंह की बेटी हैं।

इसके साथ ही यहां का कुछ वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके चलते कैराना में एक बार फिर से ध्रुवीकरण की आशंकाएं जताई  जा रही है। ऐसे ही एक वीजियो में एक मुस्लिम युवक यह कहता दिख रहा है कि यदि उस वार्ड में जाटों ने नाहिद हसन के साथ हरकत की तो फिर यहां तो हम 90,000 हैं और हम उनका इलाज बांध देंगे। वैसे इस वीडियो की पुष्टि नहीं की जा सकती है, लेकिन यह तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा के भी कई नेताओं ने इसे शेयर लिखा है कि यदि चुनाव से पहले यह स्थिति है तो फिर बाद में क्या होगा। इस सीट पर यह साफ है कि पलायन का मुद्दा चुनाव को भाजपा के पक्ष में कर सकता है।

इसके अवाला भाजपा नाहिद हसन का इतिहास जनता को बताने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। इसके बाद अब इन वीडियोज ने एक बार फिर से उसका काम आसान कर दिया है। इसके अलावा भी रालोद और सपा के बीच कई सीटों पर मतभेद है। दोनों पार्टी के समर्थक दूसरे पार्टी के उम्मीदवार पर उंगली उठा रहे हैं। बता दें कि जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कैराना विधायक नाहिद हसन का नामांकन सपा के उम्मीदवार के रूप में मंजूर कर लिया गया है। नाहिद हसन के जेल जाने के बाद उनकी बहन इकरा हसन के चुनाव लड़ने की चर्चाएं लगातार चल रही थी।