नागरिकता संशोधन बिल को लेकर हो रहे बवाल के बीच नागालैंड सरकार ने राज्य के दिमापुर जिले को ट्राइबल जिला घोषित करने के साथ ही इनर लाइन परमिट का विस्तार कर दिया। नागालैंड के गृहमंत्रालय की राजनीतिक डिविजन ने इनर लाइन परमिट को दिमापुर में लागू करने की अधिसूचना सोमवार देर शाम जारी की थी।


10 दिसंबर से यह अधिसूचना तुरंत प्रभाव से लागू हो गई। राज्य में इनर लाइन परमिट का प्रावधान बंगाल ईस्टर्न फ्ऱोंटिएर रेग्युलेशन- 1873 के सेक्शन 2 के अधीन किया गया हैं। जनहित में राज्यपाल ने आईएलपी अधिनियम से संबन्धित एक अध्यादेश जारी किया। दिमापुर को छोड़कर शेष नागालैंड इनर लाइन परमिट 1950 के दशक से लागू हैं।


इस अधिनियम की अधिसूचना में कहा गया हैं कि गैर - स्थानीय व्यक्ति को दिमापुर में प्रवेश करने के लिए इनर लाइन परमिट लेना होगा जैसा कि राज्य के अन्य भागों में प्रवेश करने के लिए लिया जाता हैं। इनर लाइन परमिट से संबन्धित अंतिम अधिसूचना दिनांक 03 मई 2018 में उल्लेखित शर्तों का पालन किया जाएगा। जो गैर-स्थानीय लोग 21 नवंबर 2019 से या इसके बाद से दिमापुर में रह रहे हैं उन्हे इस अध्यादेश कि अधिसूचना जारी होने कि दिनांक से 90 दिनों के भीतर इनर लाइन परमिट लेने पड़ेगा।


जो गैर-स्थानीय लोग 21 नवंबर 2019 से पहले से दिमापुर में रह रहे हैं उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को इनर लाइन परमिट लेने से छूट रहेगी अगर वे स्थायी निवासी होने के सरकारी पत्र रखते हैं। और ऐसे गैर-स्थानीय व्यक्ति जो दिमापुर के उपायुक्त से जारी कोई सरकारी दस्तावेज़ के आधार पर रह रहे हैं उन्हें इनर लाइन परमिट नहीं लेना होगा। ट्रांजि़ट यात्री जिनको दिमापुर से किसी दूसरे राज्य में जाना हैं जो इसका वैध टिकिट रखते हैं उन्हें इनर लाइन परमिट नही लेना होगा।