कोहिमा। नागालैण्ड के विभिन्न इलाकों में भूस्खलन के कारण भारी नुकसान हुआ है। भूस्खलन से राज्य के 12 गांवों का राज्य के अन्य इलाकों से संपर्क टूट गया है। भूस्खलन से करीब 15 हजार लोग प्रभावित हैं। भूस्खलन से प्रभावित 12 गांव लोंगचेम एक्सट्रा असिस्टेंट कमिश्नर सर्किल के लोंगचेम कस्बे में आते हैं। ये गांव मोकोचुंग कस्बे से 97 किलोमीटर दूर है। ये गांव असम से लगती सीमा के क्षेत्रों में पड़ते हैं। मोकोचुंग का जिला आपदा प्रबंधन,सार्वजनिक निर्माण विभाग व प्रभावित इलाकों की ग्राम परिषदें पिछले 11 दिनों से सड़कों को साफ करने में लगी हुई है। 24 जून को मूसलाधार बारिश शुरू हुई थी। गुरुवार को आई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक भारी बारिश के कारण इस तरह की प्राकृतिक अपदाएं आई है। जो गांव भूस्खलन से प्रभावित हैं उनमें जापु, चांगदांद, लखुनी, अलोंगताकि नोकपु, सरिंग,लोंकचेम,लिरमेन, याजांग ए,याजांग बी,याजांग सी और याजांग मॉडल विलेज शामिल है। 

रिपोर्ट के मुताबिक नागनिजान को लोंगचेम से जोडऩे वाला मुख्य ब्रिज 28 जून को बह गया। इस ब्रिज के जरिए प्रभावित इलाकों में असम से आवश्यक वस्तुएं भेजी जाती थी। लोंगचेम को सरिंगयिम से जोडऩा वाला एक और ब्रिज 1 जुलाई भारी बारिश में बह गया। इस कारण फूड सप्लाई और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के मुाबिक मांगकोलेम्बा के अतिरिक्त उपायुक्त इम्तिवापांग ने जानकारी दी है कि बुरी तरह प्रभावित वह सड़क है जो तुली से जोड़ती है। यह प्रभावित गांवों के लिए सबसे छोटी सड़क है। तुली को जोडऩे वाली सड़क 15 किलोमीटर तक  चट्टानों से ढ़क गई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़क को क्लीयर करने के लिए भारी वाहनों का प्रयोग कर रहा है। मोकोचुंग के जिला आपदा प्रबंधन ने प्रभावित गांवों में वितरण के लिए 30 क्विंटल चावल और अन्य आवश्यक वस्तुएं लोंगचेम ईएसी मुख्यालय तक पहुंचाई है। जिला प्रशासन ने जोरहाट के अतिरिक्त उपायुक्त से संपर्क कर जोरहाट के सार्वजनिक निर्माण विभाग की मदद से अस्थायी ब्रिज के निर्माण का फैसला लिया है।