कोहिमा। नागालैण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने दावा किया है कि राज्यपाल पी.बी.आचार्य ने मौजूदा मुख्यमंत्री एस.लिजित्सु को 13 जुलाई तक इस्तीफा देने को कहा है। जेलियांग ने रविवार को नगा पीपुल्स फ्रंट के नेतृत्व वाली नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इससे एक दिन पहले 40 पार्टी विधायकों ने लिजित्सु के खिलाफ बगावत दिखाने के लिए काजीरंगा नेशनल पार्क में डेरा डाल दिया था। जेलियांग ने कहा, राज्यपाल ने लिजित्सु को 13 जुलाई तक इस्तीफा देने को कहा है। नई दिल्ली जाने का प्लान अचानक बदलकर जेलियांग सोमवार को गुवाहा एयरपोर्ट से रिजॉर्ट पहुंचे। इस बीच कोहिमा में स्थित मुख्यमंत्रा कार्यालय ने राज्यपाल से इस तरह का कोई निर्देश प्राप्त होने से इनकार किया है। 

राज्यपाल पी.बी.आचार्य ने सत्तारुढ़ नेशनल पीपुल्स फ्रंट में जारी हलचल और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग के चलते लिजित्सु को 15 जुलाई या उससे पहले विश्वास मत हासिल करने को कहा है। राज्यपाल ने ये निर्देश जेलियांग के नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद दिया था। जेलियांग ने कहा था कि उनको एनपीएफ के 34 और 7 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। जेलियांग ने रविवार को राज्यपाल को लिखकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। अगले दिन लिजित्सु ने 4 वरिष्ठ मंत्रियों और 10 संसदीय सचिवों को बर्खास्त कर दिया था। इन्होंने लिजित्सु को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की थी। लिजित्सु ने अपने बेटे को खुद का सलाहकार नियुक्त कर उसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया था। 

एनपीएफ के कुछ विधायकों ने इसे लेकर लिजित्सु पर भाई भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। लिजित्सु के बेटे के.लिजित्सु ने नॉर्दन अंगामी-1 विधानसभा सीट से पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री लिजित्सु विधायक नहीं है। उन्हें 6 महीने के अंदर विधानसभा की सदस्यता लेनी है। के.लिजित्सु ने नॉर्दन अंगामी-1 विधानसभा सीट से इसलिए इस्तीफा दिया था ताकि उनके पिता इस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकें। जब जेलियांग ने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया तो सोमवार को के.लिजित्सु ने सलाहकार पद पर नियुक्ति को ठुकरा दिया। 60 सदस्यीय नागालैण्ड विधानसभा में एक सीट खाली है। 

सत्तारुढ़ डेमोक्रेटिक अलायंस ऑफ नागालैण्ड में 47 एनपीएफ के विधायक,4 भाजपा के विधायक और 8 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। मुख्यमंत्री लिजित्सु ने मंगलवार को नॉर्दन अंगामी-1 विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद लिजित्सु ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक संकट परिवार का मसला है। वे इस समस्या का हल अपनों के बीच निकालने की कोशिश करेंगे। लिजित्सु ने कहा, अभी यह आश्वासन देना बहुत जल्दबाजी होगी कि वह 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं। लिजित्सु ने उम्मीद जताई कि काजीरंगा नेशनल पार्क में फिलहाल डेरा डाले विधायक जल्द ही उनके पाले में आ जाएंगे।

 

एनपीएफ के सूत्रों का कहना है कि अगर समस्या का हल नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री की ओर से पेश किए जाने वाले विश्वास मत के समर्थन में वोट करने के लिए पार्टी विधायकों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया जाएगा। विश्वास मत हासिल करने के लिए दोनों खेमे पूरा जोर लगा रहे हैं। सत्तारुढ़ एनपीएफ ने 10 विधायकों को निलंबित कर दिया है। इनमें जेलियांग भी शामिल है। पार्टी की अनुशासन समिति की रविवार को बैठक हुई थी। इसमें पार्टी अध्यक्ष को 10 विधायकों को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद 10 विधायकों को निलंबित कर दिया गया। एपीएफ के 34 विधायकों ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष लिजित्सु के खिलाफ बगावत कर दी थी। इसके एक दिन बाद लिजित्सु ने 4 वरिष्ठ मंत्रियों और 10 संसदीय सचिवों को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही पार्टी ने 10 विधायकों को निलंबित कर दिया था। फरवरी में नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया गया था। इसको लेकर हिंसक आंदोलन हुआ था। इसके बाद जेलियांग ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के पांच माह बाद जेलियांग ने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया है।