रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के द्वारा  शनिवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, नागालैंड का सकल राजकोषीय घाटा 1991-92 में 1 अरब रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2015-2016 में 11.6 अरब रुपए हो गया है।

2016 में जारी आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, यह राशि 1991 से नागालैंड राज्य के 16 वर्षों में सबसे ज्यादा राजकोषीय घाटा है और 2003-04 में राज्य का केवल एक अधिशेष राजकोषीय वर्ष था।

हालांकि, अनुमानित बजट अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा 5.4 अरब रुपए (5,400 अरब डॉलर) तक पहुंचने की संभावना है।

कुल मिलाकर, भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के भारत के सभी राज्यों के सकल राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी हुई है। जो वित्त वर्ष 1991 में 187.9 अरब रुपए से बढ़कर 2016 में 4,495.2 अरब रुपया हो गया है।

राजस्थान में सबसे ज्यादा घाटा 673.5 अरब रुपए रहा, उसके बाद उत्तर प्रदेश 643.2 अरब रुपए रहा।