नागालैंड से हथियार लाइसेंस बनवाने वाले लोगों में से 21 के लाइसेंस निलंबित करने संबंधी दीमापुर के जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के बाद यह प्रकरण फिर चर्चा में आ गया है। बीकानेर पुलिस ने नागालैंड से हथियार लाइसेंस बनवाकर लाने वाले 84 लोगों को चिह्नित कर सूची नागालैंड पुलिस को भेजी थी। उसमें भी 35 लोगों के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड बताया था।

 


पुलिस अधीक्षक को दीमापुर से सूची मिलने के बाद जिले के सभी थानाधिकारियों को नाम भेज दिए गए हैं। पुलिस दस दिन से नोटिस तामिल कराने में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नागालैंड से सैकड़ों लोगों ने हथियार लाइसेंस बनवा रखे हैं। पुलिस ने 84 लोगों की सूची भेजी है। वहीं अवैध हथियार रखने वालों का आंकड़ा 150 से अधिक है। 84 लोगों की सूची में वे लोग शामिल है, जिन पर कोई मुकदमा दर्ज है। 21  लोगों को लाइसेंस निलंबित का नोटिस जारी होने के बाद नागालैंड से हथियार बनवाने वाले सैकड़ों लोगों में खलबली मच गई है।


 

हथियार रखने के शौकीन भी शामिल


सीआई बहादुरसिंह ने बताया कि कई लोग आपराधिक प्रवृत्ति के नहीं हैं, लेकिन शौक के लिए हथियार रख रहे हैं। पुलिस इस मामले की तह तक जाएगी। ऐसे लोगों को बेनकाब किया जाएगा, जिन्होंने नागालैंड से हथियारों के लाइसेंस बनवाए हैं। पुलिस अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

 

पांच महीने से मामला ढिलाई में


नागालैंड से फर्जी हथियार लाइसेंस बनवाने के मामले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीपसिंह कपूर के निर्देश पर पांच महीने पहले नयाशहर थाने में पुलिस परामर्श एवं सहायता केन्द्र के एएसपी सुरेन्द्रसिंह की रिपोर्ट पर जावेद खान, दारा उर्फ महफूज अली, दीपक अरोड़ा, नितिन चढ्ढ़ा व जुगल राठी के खिलाफ 420 व 120 बी में मामला दर्ज कराया गया। जांच-पड़ताल में आरोपितों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई।

 


इनके लाइसेंस निलंबित

अमरजीत शर्मा, मेहबूब अली, दीपक अरोड़ा, अजीत कुमार, भानूप्रसाद देवड़ा, जुगलकिशोर भाटी, लालसिंह, सुजानसिंह, रवि चावला, मुमताज खान, मदनलाल छीपा, बच्चनसिंह, मोहम्मद जावेद कादरी, पतराम जाट, उम्मेदसिंह, दीपक कोडा, जावेद खान, केशव शर्मा एवं राजेन्द्र प्रसाद।

 


किसी को नहीं बख्शा जाएगा


जिन 21 लोगों की सूची मिली है, उनको नोटिस तामिल करवाए जा रहे हैं। उन 84  लोगों की सूची में से 21 के खिलाफ नोटिस जारी हो गए हैं, शेष के खिलाफ प्रक्रिया जारी है। अवैध हथियार लाइसेंस में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।