नागालैंड में सत्ता किसे मिलेगी इसका फैसला 3 मार्च को हो जाएगा जब विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। मतगणना से पहले सी-वोटर का एग्जिट पोल आया है। इसमें नागालैंड में एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार बनने की भविष्यवाणी की गई है। एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा-एनडीपीपी को 38.4 फीसदी वोट शेयर के साथ 25 से 31 सीटें मिल सकती है जबकि सत्तारुढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट को 27.1 फीसद वोट शेयर के साथ 19 से 25 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है।

हालांकि कांग्रेस को बहुत ही कम वोट शेयर के साथ 0 से 4 सीटें मिलने का दावा किया गया है। 2018 के सभी एग्जिट पोल की भविष्यवाणियों के बावजूद मुख्यमंत्री टी.आर.जेलियांग एनपीएफ की सत्ता में वापसी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। नागालैंड में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं। नार्दर्न अंगामी 2 सीट से एनडीपीपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नेफ्यू रियो के निर्विरोध निर्वाचित होने के कारण 59 सीटों पर मतदान हुआ। भाजपा ने चुनाव से पहले एनपीएफ से 15 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया और हाल ही में बनी एनडीपीपी से हाथ मिलाया। दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर हुए समझौते के तहत भाजपा ने 20 जबकि एनडीपीपी ने 40 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए।

एनडीपीपी ने नेफ्यू रियो को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। नेफ्यू रियो ने निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 2014 में उन्होंने एनपीएफ के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा और सांसद बने। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने एनपीएफ की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और एनडीपीपी में शामिल हो गए।

नेफ्यू रियो तीन बार नागालैंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस ने कुल 23 उम्मीदवारों को टिकट दिया था लेकिन पांच के नाम वापस लेने के कारण पार्टी 18 सीटों पर ही चुनाव लड़ पाई। कांग्रेस ने चुनाव से पहले किसी भी दल से गठबंधन नहीं किया। हालांकि चुनाव बाद उसने भाजपा को छोड़कर सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से गठबंधन का विकल्प खुला रखा है। कांग्रेस राज्य में 2003 से सत्ता से बाहर है। 2003 में ही भाजपा ने एनपीएफ से गठबंधन किया। इसमें जदयू भी शामिल हुई। इस बार जदयू ने भी एनपीएफ से अलग होकर अपने दम पर चुनाव लड़ा है।