नागालैण्ड में राजनीतिक संकट गहरा गया है। नगा पीपुल्स फ्रंट के नेतृत्व वाली सरकार को उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब तीन मंत्रियों, तीन सलाहकारों, एक चेयरमैन और 20 संसदीय सचिवों ने इस्तीफा दे दिया। जिन सरकारी अधिकारियों ने अपने त्याग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे हैं,उन पर तारीख 9 जुलाई 2017 है। उन्होंने इस्तीफे की एक कॉपी बुधवार रात नागालैण्ड के राज्यपाल पी.बी.आचार्य और मीडिया हाउस को भी भेजी। इनके इस्तीफे से कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या घट गई है। इससे मुख्यमंत्री एस.लिजित्सु मुश्किलें बढ़ गई है। हालांकि अटकलें है कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार बचाने के लिए संख्या का जुगाड़ कर लेंगे।

हाल ही में 9 जुलाई को मुख्यमंत्री लिजित्सु ने अपनी कैबिनेट से 4 मंत्रियों और 11 संसदीय सचिवों को बर्खास्त कर दिया था। इन सभी ने लिजित्सु के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बगावत कर दी थी। जिन विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं, उनमें जी.कईतो अये, वाई पत्तन, सी.किपिली संगतम, बेंग्जोंगलिबा एयर, केजोंग चंग, इम्तिकुमजुक, लोंग्रिनेकेन, एस.हुकावी हिमोमी, एस.चुबा लोंगकुमेर, एलके खुमो हियाम, ई.इशाक कोन्याक, वाईएम योलो कोन्याक, पुखायी सुमी, बीएस नागलांग, पिक्टो शोहे, लेवी रेंगमा, तोयांग चंगकोंग चांग,ईई पंगतेंग, तोविहोतो, विखो ओ होशु, अमेंबा यादेन, शेतोयी, एसआई जमीर, सी. अपोक जमी, दियो नुखु नुक्लुतोषी,नईबा कोन्याक शामिल है।

इस बीच विधानसभा के अध्यक्ष इम्तिवापांग ए.ने लिजित्सु को राज्यपाल के निर्देश पर फैसला लेने और 15 जुलाई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है। इम्तिवापांग की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है, कृपया विधानसभाध्यक्ष के दफ्तर को शामिल किए बगैर राज्यपाल से विचार विमर्श कर मामले पर फैसला लें। यह पत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के 15 जुलाई या इससे पहले विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के निर्देश को मानने से इनकार कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि विधानसभा को 15 जुलाई या उससे पहलने बुलाने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि उनकी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल को ऐसा करने के लिए सलाह नहीं दी है। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में पूर्व के लीगल उदाहरणों का हवाला देते हुए लिजित्सु ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट रूप से कह चुका है कि राज्यपाल के पास लेजिस्लेटिव असेंबली को बुलाने, भंग करने या सत्रावसान का कोई अधिकार नहीं है।

पत्र में लिजित्सु ने कहा कि वह उनकी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर ऐसा कर सकते हैं। बकौल मुख्यमंत्री, मेरी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल को राज्य विधानसभा को बुलाने की सलाह नहीं दी है। लिजित्सु ने कहा राज्यपाल ने टीआर जेलियांग के नेतृत्व वाले विधायकों के समूह की ओर से सौंपे गए अनुरोध पर निर्देश जारी किया है। 44 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए जेलियांग ने रविवार को नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था।