नागालैंड के मुख्यमंत्री शुर्होजेली लीजीत्सु ने एक हैरान कर देने बयान दिया है। दरअसल लीजीत्सु न एसएस खापलांग की मौत पर शोक जताया है। बता दें कि खापलांग प्रतिबंधित नागा आतंकी संगठन एनएससीएन-के का प्रमुख था, जिसकी दिल का दौरा पडऩे से म्यांमार में मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि एसएस खापलांग की शुक्रवार शाम को अचानक म्यांमार में हुई मौत से मैं शोक संतप्त हूं, ये दुखद है कि खापलांग जैसे इतने महत्वपूर्ण नागा नेता हमारे बीच नहीं रहे, वो भी ऐसे वक्त पर जब लंबे समय से चली आ रही नागा राजनीतिक समस्या सुलझने के कगार पर है। जरूरत है कि सभी नागा राजनीतिक संगठन एक साथ आएं और भारत सरकार के सामने अपनी बात रखें। उन्होंने आगे लिखा कि खापलांग ने अपनी पूरी जिंदगी नागा लोगों के नाम समर्पित कर दिया और अब वक्त आ गया है कि सभी नागा लोग पूरे नागा परिवार की शांति, सद्भाव और उनकी भलाई के खुद को समर्पित कर दे।

बता दें कि 37 साल तक आतंक का दूसरा नाम कहा जाने वाला नागा विद्रोही समूह एनएससीएन-के के अध्यक्ष एसएस खापलांग का म्यांमार के कचिन राज्य के टक्का में निधन हो गया था। 77 साल का खापलांग मणिपुर में सेना के 18 जवानों को मारने सहित सुरक्षा बलों पर कई हमलों का मास्टरमाइंड था। दिल का दौरा पडऩे से खापलांग की मौत हो चुकी है।  

मणिपुर में चार जून 2015 को घात लगा कर किए गए हमले में एनएससीएन-के का हाथ था। इस हमले में सेना के 18 जवान मारे गए थे। इस घटना के बाद भारतीय सेना ने सीमा पार जा कर म्यांमार के अंदर स्थित एनएससीएन-के के शिविरों पर हमला किया, जिसमें कई उग्रवादी मारे गए थे। एनएससीएन का यह गुट 1980 के दशक से सुरक्षा बलों पर हमले, जबरन धन वसूली और लूटपाट जैसी विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त रहा है।