कोहिमा। नागालैण्ड के मुख्यमंत्री एस.लिजित्सु को तगड़ा झटका लगा है। भयंकर राजनीतिक संकट के बीच विधानसभा के अध्यक्ष इम्तिवापांग ए.ने लिजित्सु को राज्यपाल के निर्देश पर फैसला लेने और 15 जुलाई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है। इम्तिवापांग की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है, कृपया विधानसभाध्यक्ष के दफ्तर को शामिल किए बगैर राज्यपाल से विचार विमर्श कर मामले पर फैसला लें। यह पत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के 15 जुलाई या इससे पहले विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के निर्देश को मानने से इनकार कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि विधानसभा को 15 जुलाई या उससे पहलने बुलाने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि उनकी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल को ऐसा करने के लिए सलाह नहीं दी है। 

विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में पूर्व के लीगल उदाहरणों का हवाला देते हुए लिजित्सु ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट रूप से कह चुका है कि राज्यपाल के पास लेजिस्लेटिव असेंबली को बुलाने, भंग करने या सत्रावसान का कोई अधिकार नहीं है। लिजित्सु ने हाल ही में नबाम रेबिया और दमांग फेलिक्स वर्सेज डिप्टी स्पीकर अरुणाचल प्रदेश लेजिस्लेटिव असेंबी व अन्य पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का उदाहरण किया। पत्र में लिजित्सु ने कहा कि वह उनकी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर ऐसा कर सकते हैं। बकौल मुख्यमंत्री, मेरी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल को राज्य विधानसभा को बुलाने की सलाह नहीं दी है। यह कानून की अपरिहार्य पोजिशन होगी जब तक मंत्रिपरिषद राज्यपाल को विधानसभा बुलाने की सलाह नहीं दे देती। ऐसे में 15 जुलाई या उससे पहले विधानसभा बुलाने का सवाल ही नहीं उठता। लिजित्सु ने कहा राज्यपाल ने टीआर जेलियांग के नेतृत्व वाले विधायकों के समूह की ओर से सौंपे गए अनुरोध पर निर्देश जारी किया है। 

इस बीच नागालैण्ड कैबिनेट ने संकल्प लिया है कि एनपीएफ पार्टी के आंतरिक मामलों के हल या चर्चा के लिए आपात विधानसभा का सत्र बुलाने का कोई जस्टिफिकेशन नहीं है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि राज्यपाल का विधानसभा सत्र बुलाना संविधान के प्रावधानों के मुताबिक है, समन इसलिए जारी किया गया है कि क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने दावा किया है कि लिजित्सु की मिनिस्ट्री अल्पमत में आ गई है। 44 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए जेलियांग ने रविवार को नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। जेलियांग ने 34 एनपीएफ और 7 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा किया था।