बिहार में समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड के सिंघिया घाट में नागपंचमी के अवसर पर आज सांपों का प्रसिद्ध अनोखा एवं अद्वभुत मेला लगा। एकदिवसीय मेले में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्वालुओं ने भाग लिया और नाग देवता का पूजा-अर्चना की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नागपंचमी के दिन जिले के सिंधिया घाट पर सांपों का यह अनोखा मेला करीब 400 साल से आयोजित हो रहा है, जिसमें भगत सिधिंया नदी घाट पर जुटते हैं। इस मेले की खासियत है कि नदी से वहां उपस्थित कई भगत मंत्र विद्या से सैकड़ों की संख्या में नाग समेत जहरीली सांपों को निकालते हैं। इसके बाद हाथों और गर्दन में सांपों को लपेट कर भगत प्रदर्शन करते हैं।

कोरोना काल में भी सापों के इस मेले का रंग फीका नहीं रहा। लोग प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। भगतों द्वारा सांपों का खेल भी दिखाये जाते है मेले मे उपस्थित लोग भी बेखौफ होकर अपने गर्दन में जहरीले सांपों को लपेट कर उसे दूध-लावा देकर पूजा करते है। इस नाग पंचमी मेले में लोग जुलूस निकालकर जिले के सिधिया घाट के पास स्थित मंदिर मे जाकर पूजा भी करते हैं। पूजा के बाद सैकड़ों की संख्या मे इन सांपों को नदी एवं आसपास के क्षेत्रों में छोड़ दिया जाता है।