कोरोना वायरस महामारी आने के साथ ही देशभर के डॉक्टर पूरे समर्पण भाव के साथ काम में लगे हुए हैं। इसी बीच कर्नाटक के मैसूर जिले में एक स्वास्थ्य अधिकारी ने जबरदस्त मिसाल पेश की है। वो पिछले साल जनवरी से ही लगातार काम में लगे हुए हैं और डेढ़ साल के दौरान केवल 4 दिनों की ही छुट्टी ली है।

मैसूर के एच डी कोटे तालुक हेल्थ ऑफिसर (THO) डॉक्टर रवि कुमार टी ने अपने पेशे और कर्तव्य की शानदार मिसाल पेश की है। केरल प्रदेश से सटा इलाका होने और जनजातीय आबादी की वजह से अधिकारियों को यहां पर संक्रमण फैलने का डर था। डॉक्टर रवि ने रविवार और त्योहारों के दिन भी ड्यूटी निभाई।

48 साल के रवि कुमार पिछले 18 साल से स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ में हैं, जिसमें से 6 साल एच. डी. कोटे में बीते हैं। कोविड के शुरुआती दिनों के बारे में याद करते हुए डॉक्टर रवि ने कहा, 'केरल सीमा पर बावली चेकपोस्ट चिंता का विषय बना हुआ था। हम हर समय चौकन्ने थे। मैंने दिसंबर महीने में ही केरल से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग का काम शुरू कर दिया था।'

डॉक्टर रवि लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ ही चेकपोस्ट की निगरानी करने से लेकर लोगों को कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए समझाने तक के काम में लगे रहे। उन्होंने कहा, 'मैं बिल्कुल सुबह ही अपनी ड्यूटी शुरू कर देता हूं और रात के 9 बजे के बाद भी काम पर लगा रहता हूं। गृहनगर होने की वजह से मैं बिना आराम के भी काम कर लेता हूं।'