मिजोरम के लॉंगललाई जिले के चार गांवों में शरण लिए हुए म्यांमार के शरणार्थियों को हम्मवन्बुचुआह गांव के एक राहत शिविर में ले जाया गया है। इसकी जानकारी जिले के अधिकारियों ने दी है।


अधिकारियों ने कहा कि उन्हें एक जगह पर ले जाया जा रहा है ताकि उन्हें उचित ध्यान, भोजन, आवश्यक वस्तुएं और राहत सामग्री दी जा सके।


बता दें कि अब शरणार्थियों की संख्या 1,053 है, जिसमें 246 परिवारों के 566 महिलाएं शामिल हैं। ये सभी म्यांमार में अपने घर लौटने से इनकार कर रहे हैं। हालांकि असम राइफल्स के जवानों और म्यांमार सेना के अधिकारियों ने कहा कि वापस लौटने वाले लोगों के लिए पटेलवा और आसपास के गांव सुरक्षित हैं।


बता दें कि म्यांमार के चिन राज्य से आकर मिजोरम के चार गांव लाटलांग, झोचछुआह, डमजौतलांग और हम्मवंगबुछुआ गांवों में शरण ली थी। ये सभी पिछले साल 25 नवंबर से मिजोरम में रह रहे हैं।

ये सभी अराकान सेना (एए) के आतंकवादियों पर भारी कार्रवाई शुरू होने के बाद वहां से भाग आए थे।


आधिकारिक ने कहा कि शरणार्थियों को म्यांमार लौटने की इच्छा नहीं है क्योंकि उन्हें डर है कि मिजोरम-म्यांमार की सीमा पर लैंडमाइन लगाए गए हैं, जहां म्यांमार सेना और ए.ए. आतंकियों ने कई महीनों तक संघर्ष किया है। अगर वो जाते हैं तो उनकी जान खतरे में पड़ सकती है।