मध्य प्रदेश पुलिस के मूंछ वाले सिपाही राकेश राणा की बर्खास्तगी के बाद के पुलिस मुख्यालय ने अब उनकी बहाली आदेश जारी कर दिए हैं। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद राणा का सस्पेंशन कैंसिल हुआ। दो दिन तक मचे बवाल के बाद पीएचक्यू ने दोपहर बाद आदेश जारी किया है। बहाली के बाद राणा ने कहा कि अधिकारी को लगा होगा कि कहीं न कहीं कोई गलती हुई है और कहाकि मूंछ रखना कोई गलत बात नहीं है। गौरतलब है  कि इस मामले को लेकर सोशल  मीडिया पर भी काफी गहमागहमी मची हुई थी।

मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल के चालक आरक्षक राकेश राणा को सात जनवरी 2022 सहायक महानिरीक्षक को-ऑपरेटिव फ्रॉड प्रशांत शर्मा ने निलंबित कर दिया था जिसे पुलिस मुख्यालय के डीआईजी कार्मिक ने सोमवार को लंच के बाद राणा के निलंबन आदेश को निरस्त करने का आदेश जारी किया। इसमें राणा को तत्काल एमटी पूल में आमद देने के आदेश दिए गए। इस तरह पुलिस मुख्यालय ने दो दिन से चल रहे मूंछ विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया है।

राकेश राणा की मूंछ और निलंबन को लेकर दो दिन से उनकी फोटो-वीडियो व खबरें काफी वायरल हुईं थी जिसके बाद पुलिस मुख्यालय में सोमवार को सुबह से ही बैठकों का दौर चल रहा था। डीजीपी विवेक जौहरी को भी गृह मंत्री मिश्रा ने रिपोर्ट के साथ बुलाया था। विशेष महानिदेशक एसएएफ मिलिंद कानस्कर के साथ डीजीपी की बैठक भी हुई।

सिपाही राकेश राणा को विशेष महानिदेशक को-ऑपरेटिव फ्रॉड ने टर्नआउट चैक में विशेष प्रकार की मूंछों को काटने के आदेश दिए थे। मगर उसने इससे इनकार कर दिया था। अधिकारी ने उसके इस व्यवहार पर निलंबित करने के निर्देश दिए थे और एआईजी शर्मा ने सात जनवरी को निलंबन आदेश निकाला था। मगर राणा निलंबित होने के बाद भी अपनी मूंछों को अपनी शान मानता रहा और कहा वह राजपूत है तो मूंछ वह नहीं काटेगा। जब उससे पूछा गया कि अगर इसके कारण नौकरी चली जाएगी तो उसने कहा था कि मूंछ तो वह नहीं काटेगा।