लोकसभा चुनाव में असम की कुल 14 सीटें दांव पर होंगी और तीन चरण में मतदान होंगे। पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल, दूसरे चरण की वोटिंग 18 अप्रैल और तीसरे चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी। जोरहाट सीट पर पहले चरण में वोटिंग होनी है यानी कि 11 अप्रैल को। चलिए हम आपको बताते हैं असम की जोरहाट सीट के बारे में सबकुछ। 

जोरहाट पर वैसे तो कांग्रेस का कब्जा रहा था, लेकिन 2014 में मोदी की लहर में कांग्रेस के हाथ से यह सीट चली गई थी। कांग्रेस का दबदबा किस कदर इस सीट पर रहा है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि 16 लोकसभा चुनावों में महज तीन बार कांग्रेस इस सीट से हारी है। इस सीट में 10 विधानसभा सीटें हैं, इनमें से चार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), चार पर कांग्रेस और दो पर असम गण परिषद के पास है।

जाति समीकरण: 2011 की जनगणना के मुताबिक जोरहाट लोकसभा सीट में 84.08 फीसदी आबादी ग्रामीण जबकि 15.92 फीसदी आबादी शहरी है। यहां 4.57 फीसदी लोग एससी और 4.75 फीसदी आबादी एसटी हैं। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट पर वोट प्रतिशत 64.58 फीसदी और 2014 के चुनाव में 78.32 फीसदी है।

मौजूदा सांसद और पार्टी: कामाख्या प्रसाद, भाजपा

2014 में जीत का अंतर: 2014 में हुए 16वें लोकसभा चुनाव में भाजपा के कामाख्या प्रसाद ने कांग्रेस प्रत्याशी बिजॉय कृष्ण हांडिक को 2420 वोटों से हराया था।

2014 के उप-विजेता और पार्टी: बिजॉय कृष्ण हांडिक, कांग्रेस

2014 में वोटरों की संख्याः 11,89,486

2014 में महिला वोटरों की संख्याः 5,78,203

2014 में पुरुष वोटरों की संख्याः 6,11,283