हिंदू और मुस्लिम भाईचारे की तगड़ी मिसाल सामने आई है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के एक गांव में मुस्लिम समाज के लोगों ने सामाजिक एकता की बहुत बड़ी मिसाल कायम की है। गांव के मुस्लिम बिरादरी के ग्राम प्रधान ने बजरंगबली के मंदिर में नौ दिनों तक अखंड रामायण का पाठ कराया फिर हवन पूजन के बाद गांव की कन्याओं को सामूहिक भोजन खिलाया गया। मुस्लिम और हिन्दुओं ने कन्याओं से क्षेत्र और अमन की खुशहाली के लिए कन्याओं से हाथ उठवाकर आशीर्वाद भी लिया।

साम्प्रदायिक एकता की अनोखी मिसाल हमीरपुर जिले के बिंवार थाना क्षेत्र के बांधुर बुजुर्ग गांव मेंं देखने को मिली। जहां गांव के हर बिरादरी के लोग खुश है। इस गांव में प्राचीन बजरंगबली का मंदिर है। धार्मिक कार्यक्रम कराने के लिए यहां एक कमेटी गठित है जिसमें मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल है। ग्राम प्रधान अमरुद्दीन ने मंदिर में नौ दिनों तक अखंड रामायण पाठ का आयोजन कराया जिसमें पंडित मैथिलीशरण पाण्डेय, राजकुमार तिवारी, गणेश शंकर दीक्षित, सतीश शुक्ल, समेत तमाम लोगों ने रामायण पढ़ी। आयोजन में मुस्लिम परिवार के लोग भी शामिल हुए।

अखंड रामायण पाठ के समापन के बाद अली मुहम्मद, तौफीक, मुनीर अहमद, रसूल खां समेत तमाम लोगों ने हवन पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाद में गांव की सभी कन्याओं को सामूहिक रूप से भोजन खिलाया गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने कन्याओं को दक्षिणा देकर गांव और अमन की खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। ग्राम प्रधान अमरुद्दीन ने बताया कि ईश्वर और अल्लाह एक ही नाम है। उन्हें पूजने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। बताया कि देवी देवताओं और अल्लाह की पूजा करने से मन को बड़ी शांति मिलती है। बताया कि गांव में हिन्दु और मुस्लिम सभी मिलकर एक दूसरे के कार्यक्रम का हिस्सा बनते है। और यह पहल अब हमेशा जारी रहेगी।

ग्राम प्रधान के पुत्र तौफीक ने रविवार को बताया कि बांधुर बुजुर्ग में लोधामऊ, भटरा व हरवाड़ी गांव शामिल है। इन चारों गांवों की पांच हजार से ज्यादा आबादी है। जिसमें मात्र 127 वोट मुुस्लिम बिरादरी के है। बताया कि यहां साम्प्रदायिकता एकता की अनोखी मिसाल कायम है इसीलिए हिन्दु बिरादरी के लोगों के वोट से तीसरी बार अमरुद्दीन ग्राम प्रधान बने है। बताया कि हिन्दुओं के हर आयोजन को सभी बिरादरी के लोग धूमधाम से सम्पन्न कराते है। इसलिये यहां साम्प्रदायिक तानाबाना बहुत मजबूत है।