हावड़ा-रांची शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहे एक मुस्लिम यात्री शाहनवाज अख्तर को मंगलवार को उस समय आश्चर्य हुआ जब ट्रेन में उसे इफ्तार की पेशकश की गई। ऐसा इसलिए क्योंकि वह अपना रोजा खोलने वाला था। बताया गया है कि आईआरसीटीसी हिंदू यात्रियों के लिए नवरात्रि के दौरान उपवास भोजन परोसता है, लेकिन रमजान के दौरान ऐसी कोई सेवा उपलब्ध नहीं है।

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लेकिन, शाहनवाज अख्तर ने ट्विटर पर लिखा, 'इफ्तार के लिए #IndianRailways का शुक्रिया। जैसे ही मैं धनबाद में हावड़ा शताब्दी में सवार हुआ, मुझे अपना इफ्तार मिला। मैंने पेंट्री मैन से चाय लाने का गुजारिश की क्योंकि मैंने रोजा रखा हुआ है। उसने यह पूछकर पुष्टि की कि क्या आपका रोजा हैं? मैंने हां में सिर हिलाया। इसके बाद किसी और शख्स ने इफ्तार के लिए एक पैकेट सर्व किया।' ट्रेन में उन्हें परोसे जाने वाले भोजन की एक तस्वीर भी पोस्ट की।

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आईआरसीटीसी के अधिकारियों मुताबिक शाहनवाज अख्तर के लिए भोजन की व्यवस्था ऑन-बोर्ड कैटरिंग मैनेजर ने व्यक्तिगत रूप से की। आईआरसीटीसी के ऑन-बोर्ड कैटरिंग सुपरवाइजर प्रकाश कुमार बेहरा ने कहा, 'कर्मचारी अपना रोजा खोलने वाला था और रोजा रखने वाला यात्री भी उसी कोच में चढ़ गया। उसने बताया कि उसने भी रोजा रखा हुआ है, इसलिए कर्मचारियों ने उसके साथ इफ्तार साझा किया। यह बुनियादी मानवता है। कर्मचारियों को नेटिजन्स से प्रशंसा मिली। लोगों ने उनकी भी तारीफ की, जिन्होंने यह बताया कि अख्तर को बोर्ड के कर्मचारियों को धन्यवाद देना चाहिए, न कि रेलवे को।