उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बाप-बेटे की जोड़ी पर अपने दुश्मन की हत्या करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। मामले की खास बात यह है कि इन पिता-पुत्र ने अपने दुश्मन की हत्या करने के लिए पहले खुद ही उसकी जमानत भी कराई।

नौगवां पकाडिय़ा गांव में रहने वाली शायरा बेगम ने बताया कि उसके पति फिरोज अली की बागपत के शब्बीर और उनके बेटे अमीर के साथ दुश्मनी थी। शायरा ने कहा, बाप-बेटे ने मेरे पति को मारने के लिए कई बार कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। फिर करीब 4 महीने पहले मेरे पति किसी काम से बाहर गए थे और वे वापस ही नहीं लौटे। मैंने तलाश की तो पता चला कि उसके खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करके जेल भेज दिया गया है। जब मैंने 29 जनवरी को अपने वकील के जरिए इस बारे में जानने की कोशिश की तो पता चला कि शब्बीर और आमिर ने मेरे पति के जेल जाने के 2 दिन बाद ही उसकी जमानत करा ली थी। इतना नहीं जेल से बाहर आते ही उन लोगों ने मेरे पति का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और लाश को कहीं ठिकाने लगा दिया।

शायरा की शिकायत पर पुलिस ने जब कार्रवाई नहीं की तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। वहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पुलिस ने शब्बीर और उसके बेटे आमिर के खिलाफ अब मामला दर्ज किया है। सुंगरही पुलिस थाने के एसएचओ श्रीकांत द्विवेदी ने बताया, आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 364 और 506 के (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी जांच चल रही है। बता दें कि मृतक का शव अब तक बरामद नहीं हुआ है।