राष्ट्रीय राजधानी में मुंडका इलाके में भीषण अग्निकांड में लापता लोगों के करीब 20 परिवारों ने घटनास्थल से मिले 27 शवों की पहचान के लिए अपने रक्त के नमूने दिए हैं। डॉक्टरों ने यह जानकारी दी। संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि परिवारों में वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास शुक्रवार को एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग में मारे गए आठ पीड़ितों के शवों का दावा किया है। 

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आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में 27 लोगों की मौत हुई है, जो चार मंजिला इमारत में काम करते थे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) डॉ एसके अरोड़ा ने बताया, घटनास्थल से मिले 27 शव में से आठ शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। हालांकि, वैज्ञानिक पहचान करने के लिए हमने डीएनए मिलान के लिए सदस्यों के रक्त के नमूने लिए हैं। डॉ अरोड़ा ने बताया कि शवों का दावा करने वालों सहित करीब 20 परिवारों ने डीएनए परीक्षण के लिए अपने रक्त के नमूने दिए। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि सभी 27 परिवार सोमवार तक अपने रक्त के नमूने उपलब्ध करा देंगे। 

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डीएनए मिलान प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए डॉ अरोड़ा ने कहा कि मृतक की डीएनए पहचान के लिए रक्त के नमूनों का मिलान दांत और फीमर की हड्डी (जांघों में पाई जाने वाली) से किया जाएगा। डॉक्टरों ने बताया कि दोहरे उपाय से डीएनए की पहचान में बेहतर परिणाम सुनिश्चित होंगे। इसी बीच, एमएस अरोड़ा ने कहा कि डॉक्टरों को पीड़ित परिवारों को समझाने और शवों की पहचान करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि डीएनए मिलान के जरिए सभी शवों की पहचान की प्रक्रिया पांच से सात दिनों के भीतर पूरी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम को इमारत के मालिक मनीष लकड़ा को गिरफ्तार किया है, जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए।