मुंबई पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) (NCB) के गवाह प्रभाकर साईल (Prabhakar Sails) को सुरक्षा प्रदान की है। एनसीबी (NCB) के स्वतंत्र गवाह प्रभाकर ने समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) से अपनी जान को खतरा बताते हुए मुंबई पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें सुरक्षा प्रदान की है। प्रभाकर ने 23 अक्टूबर को एक हलफनामा जारी किया था, जिसमें अभिनेता शाहरुख खान की टीम से उनके बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की रिहाई के लिए 25 करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली का चौंकाने वाला दावा किया गया था, जिसे 2 अक्टूबर को क्रूज रेव पार्टी छापे में पकड़ा गया था।

गृह मंत्री दिलीप वालसे-पाटिल ने घोषणा की कि प्रभाकर (Prabhakar Sails) को उनके हलफनामे के बाद रविवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय एजेंसियां अचानक से महाराष्ट्र में अति सक्रिय हो गई हैं। वाल्से-पाटिल ने टिप्पणी की, मैंने इतिहास में एक सरकार द्वारा दूसरे के खिलाफ इस तरह की सक्रियता कभी नहीं देखी। सोमवार की सुबह, प्रभाकर मुंबई पुलिस मुख्यालय (Mumbai police) गए और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मिलिंद भारम्बे से मुलाकात की और अपने तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की।

अपने हलफनामे में, अन्य बातों के अलावा, प्रभाकर (Prabhakar Sails) ने दावा किया था कि 25 करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली राशि को लेकर अंतिम समझौता 18 करोड़ रुपये का होना था, जिसमें से 8 करोड़ रुपये एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) के लिए निर्धारित किए गए थे। इस घटनाक्रम के बाद राजनीति गर्मा गई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कैसे उन्हें कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया था और गवाह बनने के लिए भी कहा गया था। उन्होंने एनसीबी अधिकारियों से अपनी जान का खतरा होने की आशंका भी जताई थी। हालांकि, वानखेड़े और एनसीबी ने उनके सभी आरोपों को खारिज कर दिया और प्रभाकर के दावों पर संज्ञान नहीं लेने के निर्देश की मांग करते हुए विशेष एनडीपीएस कोर्ट का रुख किया, लेकिन सोमवार शाम को उनकी यह याचिका खारिज कर दी गई।