महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज राज्य के लोगों को संबोधित करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस संबोधन को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। सीएम उद्धव ठाकरे का यह संबोधन इसलिए भी अहम है क्योंकि मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

महाराष्ट्र के मंत्री विजय वडेट्टीवार पहले ही बता चुके हैं कि नागपुर, अमरावती, यवतमाल जैसे जिलों में बढ़ते COVID-19 मामलों को देखते हुए राज्य सरकार इन जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाने की सोच रही है। इस संबंध में सीएम की अध्यक्षता में बैठक होने वाली है जिसमें फैसला लिया जाना है।

असल में मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे कई लोगों का मानना है कि शायद कुछ चुनिंदा जगहों पर लॉकडाउन लागू कर दिया जाए। मुंबई, ठाणे, अमरावती, पुणे, नागपुर आदि इलाकों में हाल के दिनों में कोरोना के एक्टिव मामलों में वृद्धि देखी गई है।

अकोला, यवतमाल, सतारा और अमरावती जैसे क्षेत्र भी अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं, जहां कोरोना केस बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में 20 फरवरी को कोरोना के 6,281 नए मामले दर्ज किए गए और जबकि इस जानलेवा वायरस की चपेट में आने से 40 मरीजों ने दम तोड़ दिया। ऐसी आशंका है कि वायरस का नया स्ट्रेन राज्य में भी एंट्री कर सकता है। हालांकिनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे से सैम्पल की फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है।

देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में हालात फिर से बिगड़ने लगे हैं। एक बार फिर से धारवी जैसे इलाकों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि दिख रही है। चेंबूर, तिलक नगर, मुलुंड जैसे क्षेत्रों में पहले से ही पाबंदिया लागू हैं। मुंबई में 20 फरवरी को कोरोना के 897 नए केस मिले जबकि तीन संक्रमित लोगों ने दम तोड़ दिया।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई में 20 फरवरी को बीएमसी ने 1305 बिल्डिंगों को सील कर दिया था। हालांकि BMC के अधिकारियों ने फिलहाल लॉकडाउन से इनकार किया है। अधिकारी अभी से इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मौजूदा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। उनका मानना है कि मौजूदा दिशा-निर्देशों के पालन मददगार साबित होगा। लेकिन मंत्री असलम शेख ने हाल ही में कहा था कि मुंबई में भी लॉकडाउन को लेकर बातचीत हुई है, लेकिन सरकार नागरिकों को कष्ट नहीं देना चाहती है। उन्होंने कहा, "लेकिन अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो हम कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए फिर से लॉकडाउन से इनकार नहीं करेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थानीय स्तर पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध सबसे अच्छा विकल्प होंगे और राज्य और केंद्र सरकार को अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए।