भारत सरकार के मुंबई से अहमदाबाद की दूरी को कम करने के लिए चल रहे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक नई बाधा आ गई है। जमीन अधिग्रहण और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के बाद अब इनकम टैक्स का मसला खड़ा हो गया है। दरअसल जापान ने इस प्रोजेक्ट में लगे अपने इंजीनियरों की कमाई पर लगने वाले इनकम टैक्स को लेकर सवाल उठाया है। जापान के मुताबिक यह टैक्स कंसल्टेंट्स पर नहीं लगना चाहिए, जो बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की डिजाइन से जुड़े काम को संभाल रहे हैं। जापान ने कहा है कि भारत सरकार को इन कंसल्टेंट्स को मिलने वाली फीस और अन्य खर्चों पर इनकम टैक्स नहीं लगाना चाहिए। यही नहीं इस मुद्दे का समाधान न होने पर परियोजना में देरी को लेकर भी चेतावनी दी है।

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जापान का तर्क है कि उसके कंसल्टेंट्स की आय पर इनकम टैक्स नहीं लगना चाहिए। वह भी उस प्रोजेक्ट में काम करने के लिए जिसमें जापान सरकार की ओर से भी ग्रांट दी गई है। बता दें कि 2022 में पारित वित्त विधेयक में इनकम टैक्स की छूट को वापस ले लिया गया है और नए नियम के मुताबिक कंसल्टेंट्स को भी मौजूदा वित्त वर्ष से आयकर देना होगा। जापान की दो कंपनियों जापान इंटरनेशनल कंसल्टेशंस और जेई को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के डिजाइन का काम दिया गया है। इन कंपनियों के लिए काम करने वाले कर्मचारियों को ही टैक्स में रियायत देने की मांग जापान सरकार की ओर से की गई है। 

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जापान की सरकार ने भारत के इनकम टैक्स ऐक्ट के क्लॉज 8, 8A, 8B और सेक्शन 10 के 9वें क्लॉज पर आपत्ति जताई है। इनमें ही भारत में काम करने वाले विदेशी नागरिकों की कमाई पर इनकम टैक्स के प्रावधानों के बारे में बताया गया है। दरअसल इस परियोजना के लिए जापान की ओर से भारत सरकार को लोन भी दिया गया है। इस पर जापान का तर्क है कि उसके ही ग्रांट से बनने वाली परियोजना में कार्यरत जापानी कर्मचारियों की आय पर इनकम टैक्स नहीं लगना चाहिए। गौरतलब है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण भी एक मुद्दा बन हुआ था और सरकार के तमाम प्रयासों के बाद इस पर काम आगे बढ़ सका है।