तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख अब्दुल गनी बरादर नयी अफगान सरकार का नेतृत्व करेंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तालिबान मूवमेंट के दिवंगत संस्थापक के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और तालिबान के प्रवक्ता शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकजई सरकार में वरिष्ठ पद संभालेंगे। इससे पहले तालिबान के सूत्रों ने जानकारी दी थी कि बरादार को विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है , जबकि याकूब रक्षा मंत्री बनेंगे।

तालिबान के एक अधिकारी ने बताया कि सभी वरिष्ठ नेता काबुल पहुंच गए हैं, जहां नई सरकार का ऐलान करने की तैयारियां आखिरी चरण में हैं। देश के अधिकतर हिस्से पर कब्जा जमाने के बाद 15 अगस्त को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। तालिबान को राजधानी के उत्तर में स्थित पंजशीर घाटी में नॉर्दर्न अलायंस से टक्कर मिल रही है, जहां पर भारी गोलीबारी और नुकसान की खबर है। यहां पर अहमद मसूद के नेतृत्व में यहां पर तालिबान से जंग लड़ी जा रही है।

अफगानिस्तान की स्थिति काफी खराब है, ऐसे में तालिबान की निगाहें अंतरराष्ट्रीय डोनर्स और निवेशकों पर टिकी हुई हैं। अगर सरकार को दुनियाभर के देशों से मान्यता मिलती है तो इससे अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था सुधर सकती है। मानवीय समूहों ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान को लाखों डॉलर की सहायता की जरूरत है। अगर ऐसा नहीं होता है तो अर्थव्यवस्था बुरी तरह ढह सकती है। तालिबान के कब्जे से पहले ही बहुत से अफगान अपने परिवारों को रोटी मुहैया कराने में संघर्ष कर रहे थे, क्योंकि देश में सूखा पड़ा हुआ था। यही वजह है कि अब लाखों लोग भुखमरी की कगार पर हैं।